दिल्ली में आवारा पशुओं और कुत्तों का आतंक बढ़ा, MCD और अदालतों ने उठाए सख्त कदम

दिल्ली में गाय, कुत्ते और बंदर जैसे आवारा पशुओं की गंभीर समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा है और नागरिकों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोगों द्वारा Municipal Corporation of Delhi (MCD) से बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और सार्वजनिक बातचीत शुरू हो गई है।
पशुओं की संख्या और कचरा प्रबंधन की स्थिति
अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक दिल्ली में लगभग 1.27 लाख मवेशी हैं, जिनमें से 84,000 कानूनी डेयरी कॉलोनियों में, 23,980 सरकारी गौशालाओं में और 21,000 प्राइवेट शेल्टर में रखे गए हैं। हालांकि, MCD के veterinary department के पास सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की कोई सटीक गणना नहीं है। इसके अलावा, खराब waste management इस समस्या को और बढ़ा रहा है, क्योंकि रोज निकलने वाले 1,500 टन बिना प्रोसेस किए कचरे में से केवल 200 टन का ही सही ढंग से प्रबंधन हो पाता है, जो इन आवारा पशुओं के लिए भोजन का मुख्य स्रोत बनता है।
हालिया घटनाएं और प्रशासनिक कार्रवाई
जून 2026 में गाजीपुर सब्जी मंडी में एक व्यक्ति पर हुआ जानलेवा हमला और उसी महीने एक बच्चे पर आवारा गाय के हमले की घटना ने इन खतरों को उजागर किया है। इन घटनाओं के बाद, दिल्ली के पास स्थित रेवाड़ी के District Municipal Commissioner ने 17 अगस्त 2026 को एक समीक्षा बैठक की और अपने मवेशी छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
न्यायिक हस्तक्षेप और कानूनी नियम
कानूनी अधिकारी इस मामले में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। 3 अगस्त 2026 को Delhi High Court ने MCD को चुनिंदा वार्डों में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का pilot project शुरू करने का आदेश दिया और public awareness campaigns पर जोर दिया। इससे पहले 23 जुलाई 2026 को अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर suo motu cognizance लिया था और केंद्र व राज्य सरकारों से रिपोर्ट मांगी थी। वहीं Supreme Court ने निर्देश दिया है कि आक्रामक या रेबीज से पीड़ित कुत्तों को shelter में रखा जाए और आवारा कुत्तों को केवल designated areas में ही खाना खिलाया जाए।
नियम और आगामी योजनाएं
Delhi Municipal Act 1957 की Section 399 के तहत सभी pet dogs का पंजीकरण अनिवार्य है, लेकिन इसका enforcement बहुत कम है। इस बीच, दिल्ली सरकार सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके लिए 110 एकड़ में फैली पांच government-recognized gaushalas का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें 23,000 जानवरों को रखने की क्षमता है। इसके अलावा, North Delhi Municipal Corporation ने सार्वजनिक सड़कों पर मवेशी छोड़ने वाले अवैध डेयरी संचालकों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाने की शुरुआत की है।