दिल्ली स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता, RCS ने दिए जांच के आदेश

दिल्ली सरकार के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) ने दिल्ली स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले, अवैध नियुक्तियों और जमीन के संदिग्ध ट्रांसफर के गंभीर आरोपों पर एक्शन लिया है। RCS रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार सिंह (IAS) ने 30 सितंबर को इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2003 की धारा 62 के तहत की गई है, ताकि बैंक के कामकाज में हुई गड़बड़ियों की तह तक जाया जा सके।
IRS अधिकारी करेंगे जांच, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी IRS अधिकारी हिमांशु रंजन को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे पूरी जांच कर अगले 30 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। यह जांच पूर्व आईएएस अधिकारी के.एस. मीणा द्वारा 3 जुलाई, 2025 को सौंपी गई एक निरीक्षण रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें ललित कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की पड़ताल की गई थी।
जांच का एक मुख्य केंद्र बैंक में सरकार की हिस्सेदारी (इक्विटी) में हुई भारी कमी है। शिकायत के मुताबिक, बैंक के शेयर खरीदने के लिए सदस्य सोसायटियों को लोन दिए गए, जिसका सीधा असर सरकारी हिस्सेदारी पर पड़ा। आंकड़ों की बात करें तो साल 1993 में सरकार की हिस्सेदारी 43.91% थी, जो 2024 तक गिरकर महज 17.33% रह गई। बताया जा रहा है कि हिस्सेदारी घटने की वजह से बैंक की मैनेजिंग कमेटी में सरकार द्वारा नामित निदेशकों की संख्या पर भी असर पड़ा है।