दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट से लाखों की कैंसर दवाएं चोरी, FIR दर्ज

राजधानी के दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI) से बेहद महंगी कैंसर दवाओं की चोरी का मामला सामने आया है। अस्पताल के कीमोथेरेपी डेकेयर यूनिट के फ्रिज में रखी 'निमोतुजुमैब' (Nimotuzumab) दवा की चार वायल गायब मिली हैं, जिनका इस्तेमाल सिर और गर्दन के कैंसर के इलाज में किया जाता है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, ये 50 मिलीग्राम की वायल 3 अक्टूबर 2026 को फ्रिज में रखी गई थीं, लेकिन 5 अक्टूबर तक इनके गायब होने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के फार्मेसी इंचार्ज और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज त्यागी ने 9 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 12 अक्टूबर को जीटीबी एनक्लेव पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(a) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
लाखों की है चोरी हुई दवाओं की कीमत
चोरी हुई इन दवाओं की कीमत को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रति वायल की कीमत 35,000 से 50,000 रुपये के बीच बताई है, वहीं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुल बॉक्स की वॉल्यूम को देखते हुए इन चार यूनिट्स की रिटेल वैल्यू 9 लाख से 10.8 लाख रुपये तक हो सकती है।
दिल्ली पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है। गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया था और करीब 9 करोड़ रुपये की अवैध कैंसर दवाएं जब्त की थीं।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, हेपेटाइटिस सी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवा 'सोफोसबुवीर' (Sofosbuvir) भी गायब हो सकती है, हालांकि पुलिस शिकायत में इसका जिक्र नहीं किया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सितंबर 2026 में दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि संस्थान में 90% जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं, भले ही कुछ दवाओं की खरीद में देरी हुई हो।