दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, दक्षिणी रिज की 1000 एकड़ जमीन आरक्षित वन घोषित

दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज क्षेत्र की लगभग 1,000 एकड़ जमीन को औपचारिक रूप से आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में 19 सितंबर 2026 को इस प्रशासनिक निर्णय को अंतिम रूप दिया गया। इस कदम से राष्ट्रीय राजधानी में कुल अधिसूचित रिज क्षेत्र बढ़कर लगभग 13,000 एकड़ हो गया है। यह प्रशासनिक निर्णय 19 सितंबर 2026 को लिया गया जिससे कुल अधिसूचित क्षेत्र 13,000 एकड़ हो गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह अधिसूचना भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत जारी की गई है। सुश्री गुप्ता ने रिज को शहर का हरा सुरक्षा कवच बताया और इस बात पर जोर दिया कि इस पहल का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता में सुधार करके, जैव विविधता का समर्थन करके और स्थानीय तापमान को नियंत्रित करके दिल्ली के पर्यावरणीय भविष्य को सुरक्षित करना है। यह अधिसूचना भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत जारी की गई है।
सरकार के अनुसार, इस कदम से विभिन्न रिज क्षेत्रों की लंबे समय से लंबित अंतिम अधिसूचना को प्राथमिकता दी जाती है। इस क्षेत्र के दीर्घकालिक संरक्षण और वैज्ञानिक पुनरुद्धार की देखरेख के लिए, दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड का गठन 2026 की शुरुआत में किया गया था। इस भूमि के लिए सरकार का घोषित उद्देश्य स्थानीय पौधों की प्रजातियों को बढ़ावा देना और पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार को सुनिश्चित करना है। इस क्षेत्र के संरक्षण के लिए दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड का गठन 2026 की शुरुआत में किया गया था।
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