दिल्ली के सोनिया विहार में बच्चों को खतरनाक रास्तों से जाना पड़ रहा स्कूल

दिल्ली के सोनिया विहार में स्कूली बच्चों को रोज खतरनाक रास्तों से स्कूल जाना पड़ रहा है। मेन 25-फुट रोड और शनि बाजार रोड पर भारी जलभराव और टूटी-फूटी सड़कों के कारण यह समस्या बनी हुई है। 24 अगस्त 2026 को भारी बारिश के बाद पूरा इलाका घुटनों तक पानी में डूब गया, जिससे बुनियादी नागरिक सुविधाओं की बदहाली और बढ़ गई। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे स्कूल गंदे पानी और कीचड़ के कारण चप्पल पहनकर पहुंचने को मजबूर हैं।स्थानीय लोगों और जेन अल्फा नामक छात्र समूह ने 24 अगस्त 2026 को इस खतरनाक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। (स्रोत: ANI News)।
सरकारी योजनाएं और विकास कार्य
सरकार की तरफ से कई घोषणाएं और योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने 8 मई 2026 को सोनिया विहार में 70 लाख रुपये के सड़क और नाला निर्माण कार्य की शुरुआत की थी। उन्होंने दावा किया था कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए 70 करोड़ रुपये की सीवेज नेटवर्क परियोजना का 70 से 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जून 2026 में करावल नगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 138 करोड़ रुपये की सीवर विकास परियोजना की घोषणा की। इससे पहले अप्रैल 2025 में सोनिया विहार पुस्ता रोड पर 500 करोड़ रुपये की 6 किलोमीटर लंबीelevated road परियोजना को मंजूरी दी गई थी, जिसके बारे में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा था कि इसे पेड़ों की कटाई से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और चिंता
इन तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद स्थानीय लोगों और नेताओं ने इनकी प्रभावशीलता पर संदेह जताया है। नगर निगम पार्षद बृजेश सिंह ने तुरंत मरम्मत की मांग करते हुए कहा है कि छात्रों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। स्थानीय निवासी टिनकू शर्मा ने इस स्थिति को वर्षों से चली आ रही नागरिक नाकामी बताया है। वहीं, अंजलि जैसे अभिभावकों ने इस बात पर जोर दिया है कि इसका सीधा असर छात्रों की उपस्थिति पर पड़ रहा है। सीवर अपग्रेड और सड़क विकास पर विधायी ध्यान दिए जाने के बावजूद छात्र बुनियादी ढांचे की इस उपेक्षा का शिकार बने हुए हैं।