दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए स्मार्ट पोल और नई तकनीक का होगा इस्तेमाल, सरकार का नया प्लान

Kittu Kumari11 August 20262 min read50 viewsDelhi Local
दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए स्मार्ट पोल और नई तकनीक का होगा इस्तेमाल, सरकार का नया प्लान

11 अगस्त 2026 तक, दिल्ली सरकार शहर के लगातार बने रहने वाले air pollution से निपटने के लिए एक नया target-based मॉडल लागू करने जा रही है और digital smart poles पेश कर रही है। Delhi Environment Minister Manjinder Singh Sirsa ने घोषणा की है कि ongoing trials और technical assessments के बाद, इस नए approach के तहत कंपनियों और innovators को बड़े पैमाने पर deployment से पहले अपनी proven efficiency दिखानी होगी।

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टारगेट-बेस्ड मॉडल और RFP प्रक्रिया

इस नए मॉडल के तहत, सरकार firms को shortlist करेगी और Request for Proposal (RFP) के जरिए bids मंगाएगी। Technologies का मूल्यांकन specific और scientifically validated pollution-reduction targets के आधार पर सख्ती से किया जाएगा। उदाहरण के लिए, 30% pollution reduction दिखाने वाली technology को 20% ऑफर करने वाली technology से पहले प्राथमिकता दी जाएगी। यह पहल दिल्ली सरकार के October 2025 में लॉन्च किए गए "Innovation Challenge" पर आधारित है, जिसके तहत वर्तमान में 22 अलग-अलग technologies का परीक्षण किया जा रहा है, जिनमें से 13 vehicular emissions पर और 9 ambient pollution को कम करने पर केंद्रित हैं।

डिजिटल स्मार्ट पोल और लाइव डेटा

साथ ही, पूरे शहर में digital smart poles लगाए जा रहे हैं। ये पोल pollutants पर live data दिखाते हैं और mists जैसे air-cleaning tools कोintegrate कर सकते हैं। वर्तमान में, Central Delhi में ऐसे सात smart poles की testing चल रही है। उदाहरण के लिए, सोमवार, 10 अगस्त 2026 की शाम को Rajghat के पास एक पोल ने दिखाया कि उसने पिछले 24 घंटों में "4,04,697 cu ft" air clean की थी, साथ ही हर पांच मिनट में update होने वाले real-time PM2.5 और PM10 levels भी प्रदान किए।

वर्तमान एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)

इन सभी प्रयासों के बावजूद, 11 अगस्त 2026 तक दिल्ली का Air Quality Index (AQI) 112 है, जिसे "Poor" श्रेणी में रखा गया है, जिसमें PM10 का स्तर 43 µg/m³ और PM2.5 का स्तर 127 µg/m³ है। जब AQI 100 से अधिक हो जाता है, तो sensitive groups को outdoor activities सीमित करने की सलाह दी जाती है।

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