दिवाली से पहले दिल्ली की सड़कों पर होगा उजाला, लगेंगी 1 लाख स्मार्ट एलईडी लाइट्स

राजधानी दिल्ली की सड़कों को और सुरक्षित और रोशन बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जिसके तहत पूरे शहर में एक लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी। इस योजना का आगाज़ एंड्रयूज गंज बस स्टॉप से किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के अंधेरे इलाकों को खत्म करना और खासकर महिलाओं की सुरक्षा में सुधार लाना है।
इस प्रोजेक्ट के जरिए पुरानी सोडियम लाइट्स को हटाकर आधुनिक एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे न केवल रोशनी बेहतर होगी बल्कि बिजली की खपत में भी भारी कमी आएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा संचालित इस योजना को चरणों में लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि दिवाली के त्योहार से पहले 20,000 मौजूदा लाइट्स को बदल दिया जाए, जबकि पूरी परियोजना का काम जनवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, उन इलाकों में 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे जहां अभी तक रोशनी की व्यवस्था नहीं है।
कमांड सेंटर से होगी मॉनिटरिंग, लापरवाही पर लगेगा जुर्माना
इस पूरे सिस्टम को हाई-टेक बनाने के लिए PWD मुख्यालय में एक सेंट्रल कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। यहां से अधिकारी रियल-टाइम में लाइट्स की निगरानी कर सकेंगे और जरूरत के हिसाब से रोशनी की चमक (ब्राइटनेस) को 90 प्रतिशत तक कम या ज्यादा कर पाएंगे।
473 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में जवाबदेही का खास ख्याल रखा गया है। इसमें पांच साल के संचालन और रखरखाव का प्रावधान है। ठेकेदारों को भुगतान तभी किया जाएगा जब लाइट्स पूरी तरह चालू स्थिति में होंगी। अगर किसी खराबी की रिपोर्ट होने के 48 घंटे के भीतर उसे ठीक नहीं किया गया, तो ठेकेदार पर 2,000 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि सेंसर-आधारित इस एलईडी तकनीक से हर साल करीब 30 करोड़ रुपये की बिजली बचेगी। पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट की अवधि तक कुल बचत 300 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।