सीलमपुर समेत 17 स्लम क्लस्टर्स का बदलेगा चेहरा, DDA फ्लैट्स की बिक्री में 80% का उछाल
दिल्ली सरकार सीलमपुर समेत 17 स्लम क्लस्टर्स का कायाकल्प करेगी। वहीं DDA के फ्लैट्स की बिक्री में 80% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार ने 'स्लम और जेजे रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट पॉलिसी 2026' के तहत 17 स्लम क्लस्टर्स के पुनर्विकास की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस योजना के जरिए सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर जैसे इलाकों की सूरत बदली जाएगी। सरकार का लक्ष्य कुल 4,870 झुग्गियों की जगह तीन आधुनिक और एकीकृत बहुमंजिला आवासीय कॉलोनियां बनाना है।
खास तौर पर सीलमपुर के ब्रह्मपुरी रोड और ईआईजी पुश्ता जैसे चार क्लस्टर्स में मौजूद 1,243 झोपड़ियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा। इस मॉडल में निजी डेवलपर्स को व्यावसायिक रूप से कीमती जमीन के विकास का अधिकार दिया जाएगा, जिसके बदले में उन्हें वहां के निवासियों के लिए 'इन-सीटू' (उसी स्थान पर) पक्के मकान बनाने होंगे। दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) ने इसके लिए फिजिबिलिटी स्टडी और ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके चार महीने में पूरे होने की उम्मीद है।
DDA के फ्लैट्स की बढ़ी डिमांड, बिक्री में भारी बढ़ोतरी
एक तरफ जहां झुग्गियों का कायाकल्प हो रहा है, वहीं दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के रियल एस्टेट प्रदर्शन में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर 2026) के दौरान DDA ने कुल 9,332 फ्लैट बेचे हैं। अगर पिछले साल की इसी अवधि से तुलना करें, तो यह आंकड़ा 5,198 यूनिट था, यानी फ्लैट्स की बिक्री में सीधे 80% की बढ़ोतरी हुई है।
अधिकारियों का मानना है कि नरेला सब-सिटी में बढ़ती मांग और 'कर्मजीवी आवास योजना 2026' जैसी स्कीमों पर जनता के बढ़ते भरोसे की वजह से यह ग्रोथ देखने को मिली है। जो लोग अभी भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए राहत की बात यह है कि DDA ने अपनी चल रही आवासीय योजनाओं की बुकिंग विंडो को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है।