दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: 17 स्लम क्लस्टर्स का होगा कायाकल्प, PPP मॉडल से मिलेंगे पक्के घर
दिल्ली सरकार ने 17 स्लम क्लस्टर्स के पुनर्विकास के लिए नई पॉलिसी जारी की है, जिससे हजारों परिवारों को पक्के घर मिलेंगे।

दिल्ली में रहने वाले हजारों झुग्गीवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार ने शहर के स्लम इलाकों की सूरत बदलने के लिए 'दिल्ली स्लम एंड जेजे क्लस्टर रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट पॉलिसी, 2026' को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। इस नई पहल के तहत दिल्ली स्लम क्लस्टर पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे अब झुग्गी-झोपड़ियों की जगह आधुनिक आवासीय कॉलोनियां बनेंगी।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत दिल्ली के तीन प्रमुख इलाकों— सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर से हो रही है। इन क्षेत्रों में कुल 17 स्लम क्लस्टर्स को चुना गया है, जिनमें करीब 4,870 स्लम यूनिट्स मौजूद हैं। सबसे खास बात यह है कि इस पूरी योजना को 'इन-सीटू' डेवलपमेंट मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, यानी निवासियों को उसी जमीन पर पुनर्वासित किया जाएगा जहाँ वे वर्तमान में रह रहे हैं। इस पूरे काम को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए पूरा किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई कॉलोनियां
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कमान दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के हाथों में है। काम को जमीन पर उतारने के लिए अगले चार महीनों में इन तीनों लोकेशन पर एक विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी (व्यवहार्यता अध्ययन) की जाएगी। इस स्टडी की रिपोर्ट के आधार पर ही इमारतों और फ्लैटों के आर्किटेक्चरल प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार की इस योजना में केवल छत देना ही मकसद नहीं है, बल्कि इन इलाकों को एक संपूर्ण रिहायशी कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ बहुमंजिला इमारतों के साथ-साथ बुनियादी नागरिक सुविधाओं का पूरा जाल बिछाया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:
- बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल
- स्वास्थ्य सुविधाएं और हेल्थ सेंटर
- बच्चों के लिए खेल के मैदान
- आंगनवाड़ी केंद्र
जहाँ तक पात्रता का सवाल है, इस पॉलिसी में residency eligibility के लिए 1 जनवरी, 2025 की कट-ऑफ तारीख तय की गई है। इस कदम से दिल्ली के शहरी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।