दिल्ली के शालीमार बाग में मदीना मस्जिद के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई, लोगों और AIMIM का कड़ा विरोध

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मैक्स अस्पताल के पास सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रशासन ने 22 सितंबर 2026 की देर रात से 23 सितंबर 2026 की सुबह तक एक बड़ा तोड़फोड़ अभियान चलाया। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) मास्टर प्लान के तहत सरकारी जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाने की इस कार्रवाई के दौरान मदीना मस्जिद के एक हिस्से को आंशिक रूप से तोड़ दिया गया। यह पूरी कार्रवाई भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अंजाम दी गई।
इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। AIMIM दिल्ली के अध्यक्ष शोएब जमाई मौके पर पहुंचे और इस डिमोलिशन को असंवैधानिक करार देते हुए इसे 'सहारनपुर पार्ट-2' कहा। शोएब जमाई ने यह भी आरोप लगाया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें धार्मिक ग्रंथों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मस्जिद के इमाम से मिलने नहीं दिया।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने तोड़फोड़ की पूरी प्रक्रिया और नोटिस अवधि की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक सड़क पर यातायात की बाधा को दूर करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बेहद जरूरी थी। दूसरी ओर, प्रभावित लोगों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने सरकार के इस कदम के समय और उसके निष्पादन के तरीकों पर लगातार सवाल उठाए हैं।