दिल्ली में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू: आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय हुआ दोगुना

दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बेहतर सहारा देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उपराज्यपाल टी.एस. संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलों की शुरुआत की। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।
इस अभियान की सबसे बड़ी खबर दिल्ली की 6,690 आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के लिए आई है। सरकार ने उनके मासिक मानदेय को 3,000 रुपये से बढ़ाकर अब 6,000 रुपये कर दिया है। इस फैसले को 16 सितंबर को कैबिनेट बैठक में अंतिम रूप दिया गया था, ताकि घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली इन कार्यकर्ताओं को बेहतर वित्तीय सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस कदम से आशा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और डोरस्टेप हेल्थकेयर सेवाओं में और मजबूती आएगी।
नवजातों के लिए 'मिशन अनमोल' और अन्य बड़ी सुविधाएं
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत 'मिशन अनमोल' (Advanced Newborn Monitoring and Optimal Life Care) योजना को आगे बढ़ाते हुए अब नवजातों के लिए 56 तरह की स्वास्थ्य स्थितियों की मुफ्त स्क्रीनिंग की जाएगी। बजट 2026-27 के हिस्से के रूप में शुरू की गई इस पहल का लक्ष्य हर साल करीब 2.5 लाख नवजातों की जेनेटिक बीमारियों के लिए जांच करना है।
इसके अलावा, सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं:
- SOTTO बिल्डिंग: जीबी पंत अस्पताल में अत्याधुनिक स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) बिल्डिंग का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों से अंगदान के मानवीय कार्य में सहयोग करने की अपील की।
- नर्सिंग होम पोर्टल: निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है।
- छात्रों के लिए हॉस्टल: दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बाहर से आने वाले 10,000 छात्रों के लिए नए हॉस्टलों की मंजूरी दी गई है।
- पेंशनर सुविधा: दिल्ली जल बोर्ड के पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की गई है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने कहा कि ये सभी प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के समावेशी विजन के अनुरूप हैं, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।