दिल्ली में 'गंभीर' हुआ प्रदूषण, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बोले- CAQM कर रहा है लगातार निगरानी
दिल्ली की हवा 'गंभीर' श्रेणी में पहुंची। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि CAQM स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 451 तक पहुंच गया, जिसने इसे 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में डाल दिया है। इस बिगड़ती स्थिति के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भरोसा दिलाया है कि सरकार और संबंधित पैनल स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) मौसम की स्थितियों, जैसे हवा की दिशा, गति और हवा के प्रवाह की लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन आकलन के आधार पर ही आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और सभी संबंधित राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर निर्देशों को लागू किया जा रहा है।
पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी, फिर भी क्यों बढ़ रहा प्रदूषण?
जब मंत्री से पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी के बावजूद प्रदूषण बढ़ने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि इस बार पराली प्रबंधन के लिए व्यापक योजनाएं बनाई गई हैं। भूपेंद्र यादव के अनुसार, इस बार लगभग 40 प्रतिशत धान की पराली का 'एक्स-सिटु' प्रबंधन के जरिए उपयोग किया गया है, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में निश्चित रूप से गिरावट आई है।
मंत्री ने आगे जानकारी दी कि CAQM ने कार्यान्वयन की निगरानी और प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड भी स्थापित किया है। हालांकि, मौसम के प्रतिकूल प्रभाव और अन्य कारणों से वायु गुणवत्ता अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी की हवा दर्ज की है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए CAQM ने सोमवार को ही पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-II को लागू कर दिया है, जिससे शहर में कई पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।