दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: सीनियर सिटीजन पेंशन के लंबित आवेदनों का 7 दिन में होगा निपटारा

दिल्ली के बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार ने सीनियर सिटीजन पेंशन के लंबित आवेदनों को तेजी से निपटाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब सभी पेंडिंग केस का समाधान महज सात कार्य दिवसों के भीतर करना होगा। यह कदम उन आवेदकों के लिए बड़ा सहारा बनेगा जो लंबे समय से अपनी पेंशन के इंतजार में हैं।
दरअसल, दिल्ली राइट टू सिटीजन सर्विसेज एक्ट के तहत आवेदनों के निपटारे की तय समय सीमा 45 दिन है, लेकिन कई मामले इस अवधि के बाद भी अटके हुए थे। 3 अक्टूबर 2026 को हुई समीक्षा बैठक में विभाग ने पाया कि 14 सितंबर को दिए गए निर्देशों के बावजूद आवेदनों की संख्या काफी ज्यादा थी, जिससे प्रशासन ने अपनी नाराजगी जाहिर की। अब सरकार ने तय किया है कि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए।
निगरानी के लिए बनी क्विक रिस्पांस टीम और सख्त नियम
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने कई कड़े इंतजाम किए हैं:
- QRT का गठन: एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाई गई है, जो हर दिन 50 आवेदनों का ऑडिट करेगी।
- वेरिफिकेशन में तेजी: जिला समाज कल्याण अधिकारियों (DSWO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करें।
- छुट्टियों पर रोक: इस काम में लगे स्टाफ के लिए अनधिकृत छुट्टियों पर पाबंदी लगा दी गई है ताकि काम में कोई रुकावट न आए।
- जवाबदेही तय: अगर तय समय सीमा के बाद भी देरी पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि साल 2026 की शुरुआत में भी मुख्यमंत्री ने तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों के कारण रुकी हुई वृद्धावस्था पेंशन जारी करने के निर्देश दिए थे। अब इस नए आदेश से उम्मीद है कि हजारों बुजुर्गों को जल्द ही उनकी पेंशन मिल सकेगी और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।