दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में छह गुना भारी उछाल, सरकार ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

दिल्ली में इस मानसून सीजन के दौरान H1N1 इन्फ्लूएंजा यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में छह गुना की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 12 अगस्त 2026 तक कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,449 हो गई है। यह पिछले साल इसी अवधि के दौरान दर्ज किए गए 229 मामलों से एक तेज उछाल है, जिसकी जानकारी National Centre for Disease Control (NCDC) के डेटा से सामने आई है। राजधानी में वायरस के तेजी से फैलने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले 11 अगस्त को शहर में 63 नए H1N1 संक्रमण दर्ज किए गए।
अस्पतालों की तैयारी और स्वास्थ्य मंत्री का बयान
मामलों में इस भारी वृद्धि के बावजूद, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने 6 अगस्त 2026 को बयान दिया कि राजधानी में H1N1 से जुड़ी कोई भी आधिकारिक मौत दर्ज नहीं की गई है, हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में विवादित मौतों का हवाला दिया गया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि उसके अस्पताल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। RML और सफदरजंग अस्पताल जैसे संस्थानों ने H1N1 और डेंगू के मरीजों के लिए विशेष और अलग वार्ड बनाए हैं। दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से टेस्टिंग की जा रही है और प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह और बचाव के उपाय
मेडिकल एक्सपर्ट्स इस मौजूदा बढ़ोतरी का कारण संभावित रूप से किसी मुटेटेड वायरस या आपसी मेलजोल का बढ़ना मानते हैं। उनका कहना है कि H1N1 अब एक सीजनल फ्लू स्ट्रेन के रूप में सर्कुलेट हो रहा है। हालांकि ज्यादातर स्वस्थ लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या कमजोर इम्यूनिटी जैसी पुरानी बीमारियों से ग्रस्त संवेदनशील लोगों को गंभीर जटिलताओं का ज्यादा खतरा रहता है।
डॉक्टरों की सलाह है कि फ्लू की एनुअल वैक्सीनेशन लें, हाथों की साफ-सफाई रखें, बीमार होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए बीमार होने पर खुद को आइसोलेट करें। इसके आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश और बदन दर्द शामिल हैं। सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द जैसे चेतावनी संकेतों के दिखने पर तुरंत मेडिकल मदद लेने की जरूरत होती है।