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दिल्ली में 50% पासपोर्ट हुए रद्द, ड्यूल सिटीजनशिप और एनआरआई पति बने बड़ी वजह

Kittu Kumari31 July 20262 min read33 views
दिल्ली में 50% पासपोर्ट हुए रद्द, ड्यूल सिटीजनशिप और एनआरआई पति बने बड़ी वजह

दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 31 जुलाई 2026 को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल जारी किए गए 2.1 मिलियन पासपोर्ट में से लगभग 50% यानी 1.08 मिलियन पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। इस भारी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह ड्यूल सिटीजनशिप और एनआरआई पतियों से जुड़े मामले हैं, जो पूरे देश में तेजी से सामने आ रहे हैं।

  • दिल्ली में कुल 2.1 मिलियन जारी पासपोर्ट में से 1.08 मिलियन यानी 50% पासपोर्ट रद्द हुए।
  • भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, जिसके कारण विदेशी नागरिकता लेते ही पुराना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना जरूरी होता है।
  • मार्च 2020 तक अपनी पत्नियों को छोड़ने वाले एनआरआई पतियों के 60 पासपोर्ट पिछले तीन सालों में रद्द किए गए थे।
  • दिल्ली एनसीआर और पूरे देश में नागरिकता छोड़ने के मामलों में दिल्ली सबसे आगे है।

भारतीय कानून और दोहरी नागरिकता के नियम

पासपोर्ट रद्द होने का एक मुख्य कारण भारत का दोहरी नागरिकता को लेकर सख्त रुख है। भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति बिल्कुल नहीं है। इसके तहत, जब कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता अपने आप समाप्त हो जाती है। इसके बाद उसे कानूनी रूप से अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना होता है (Source, Source)। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट अधिनियम 1967 भी विदेशी नागरिकता मिलने पर तुरंत पुराना भारतीय पासपोर्ट वापस करने का आदेश देता है (Source)। हालांकि अमेरिकी नागरिकता मिलने के बाद पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए तीन साल का समय मिलता है, लेकिन जुर्माना से बचने के लिए प्रक्रिया जल्दी शुरू करना बेहतर माना जाता है।

एनआरआई पतियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दिल्ली का पहला स्थान

पासपोर्ट रद्द होने के पीछे एनआरआई पतियों का मामला भी एक बड़ा कारण है। महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं मेनका गांधी की पहल पर, पत्नियों को बीच में छोड़कर भागने वाले एनआरआई पतियों के 60 पासपोर्ट मार्च 2020 तक के पिछले तीन सालों में रद्द किए गए थे। ऐसी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सरकार ने राज्यसभा में पासपोर्ट अधिनियम 1967 में संशोधन करने के लिए एक बिल भी पेश किया है। सरकारी आंकड़ों (2014 से 2022) के मुताबिक, दिल्ली नागरिकता छोड़ने के मामलों में पूरे देश में सबसे आगे रही है, जहाँ 60,414 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद पंजाब में 28,117 मामले सामने आए। नागरिकता छोड़ने का सीधा असर पासपोर्ट सरेंडर और कैंसिलेशन पर पड़ रहा है।

दिल्ली पुलिस का फर्जी अफवाहों पर स्पष्टीकरण

पासपोर्ट कैंसिलेशन से जुड़ी खबरों के बीच दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी सफाई दी है। 24 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने उन अफवाहों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि "कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)" के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। पुलिस ने साफ किया कि ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है और नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

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