जंतर मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी, दिल्ली में 23 हजार सुरक्षाकर्मियों का भारी पहरा

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन की दहलीज पर खड़ी है। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर होने वाले एक विशाल प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इस प्रदर्शन का आह्वान किया है। आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में अनियमितताएं बरती गई हैं।
शहर में पहले से ही इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं और कई सांसदों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, इंडियन यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन की अनुमति के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
सुरक्षा का अभूतपूर्व किला: ड्रोन, फेशियल रिकग्निशन और हजारों जवान
संभावित हंगामे को रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए 221 कंपनियों के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को तैनात करने का आदेश दिया है। इसमें CRPF, SSB, रैपिड एक्शन फोर्स, ITBP और CISF के लगभग 23,000 जवान शामिल हैं। खास बात यह है कि जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी अतिरिक्त बल बुलाए गए हैं। महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए 500 महिला जवानों की विशेष टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
पुलिस प्रशासन इस बार तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। जुलाई के प्रदर्शनों में शामिल रहे करीब 2,800 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों पर नजर रखने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, ग्राउंड स्टाफ को बॉडी-वर्न कैमरा दिए गए हैं ताकि हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग हो सके।
प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पार्लियामेंट स्ट्रीट और राजघाट जैसे इलाकों में धारा 163 (BNSS) लागू।
- शहर में आने वाली बसों और एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी।
- शराब की बिक्री पर दो दिनों का प्रतिबंध और होटलों में बुकिंग पर सीमा।
- न्यू दिल्ली मेट्रो स्टेशनों और बाजारों को बंद करने की संभावना।
- मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास और चुनाव आयोग मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई।
प्रशासन छात्रों को इस प्रदर्शन से दूर रखने के लिए विश्वविद्यालयों और पीजी मालिकों से भी संपर्क कर रहा है। हालांकि, इस रैली को ध्रुव राठी और प्रकाश राज जैसी चर्चित हस्तियों का समर्थन मिला है, जिससे प्रदर्शन के और अधिक उग्र होने की आशंका है। फिलहाल, प्रशासन ने इस विरोध प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति नहीं दी है।