CJP प्रोटेस्ट: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, इंटरनेट बंद और धारा 163 लागू

राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और इसे अवैध घोषित कर दिया है, जिसके चलते जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए गृह मंत्रालय के आदेश पर जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। इसके अलावा, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने या प्रदर्शन करने पर पूरी तरह पाबंदी है। पुलिस लाउडस्पीकरों के जरिए लोगों को इन पाबंदियों के बारे में सूचित कर रही है।
मेट्रो और ट्रेनों पर असर, नोएडा बॉर्डर सील
इस तनावपूर्ण स्थिति का असर परिवहन और व्यापार पर भी पड़ा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 57 स्टेशनों को बंद करने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब इस फैसले की समीक्षा की जा रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह ठप नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से चलने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। नोएडा और दिल्ली के बीच की सीमाओं को सील कर दिया गया है और वहां BSF के जवानों की तैनाती की गई है।
सावधानी के तौर पर 9 और 10 अक्टूबर को दिल्ली की सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। कनॉट प्लेस के दुकानदारों को न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने दुकानें बंद रखने की सलाह दी है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है और अपने परिवार के साथ इसमें शामिल होने की बात कही है।
इस हंगामे के चलते कई शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी हैं और कॉलेजों ने परीक्षाएं टाल दी हैं। वहीं नोएडा से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कई किसान संगठनों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया है।