जंतर मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन की तैयारी, दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति नहीं दी है। जॉइंट सीपीओ (नई दिल्ली) नूपुर प्रसाद के मुताबिक, आवेदन 7 अक्टूबर को देर से जमा किया गया था, जबकि नियम के अनुसार 10 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य होता है।
सुरक्षा के लिए 25 हजार जवान तैनात, इंटरनेट और मेट्रो पर पाबंदी
संभावित हंगामे और कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि सीजेपी समर्थकों को दिल्ली आने से रोका जाए। 8 से 12 अक्टूबर के बीच शहर में करीब 20,000 से 25,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जिसमें 23,000 CAPF जवान शामिल हैं। भीड़ नियंत्रण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जवानों को बॉडी कैमरों से लैस किया गया है। जॉइंट सीपीओ मधुर वर्मा ने स्पष्ट किया है कि अनुशासन का पालन किया जाएगा और न्यूनतम बल का प्रयोग होगा।
सुरक्षा उपायों के तहत नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। साथ ही, गृह मंत्रालय के आदेश पर 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर तक 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का अनुरोध किया है। इसके अलावा सराय काले खान और न्यू अशोक नगर स्थित नमो भारत स्टेशनों को भी बंद रखा जाएगा।
हालांकि, नई दिल्ली और निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेनों को रद्द करने की योजना थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय विनियमित तरीके से चलाया जाए।
इस तनावपूर्ण माहौल का असर आम जनजीवन और व्यापार पर भी दिख रहा है। चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और भागीरथ पैलेस के स्थानीय व्यापारियों ने 10 अक्टूबर को दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है। शराब की दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है और कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रंका का आरोप है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में हजारों स्वयंसेवकों और सह-प्रभारी दीपक बलियान को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है। गौरतलब है कि इस विरोध प्रदर्शन की मांगों को लेकर राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की थी।