Independence Day 2026: दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज और कड़े नियम लागू

15 अगस्त 2026 को आने वाले स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में संभावित आतंकवादी हमले से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों की तैयारी और तालमेल की जांच करने हेतु 'सुदर्शन शक्ति-वी' नाम से एक व्यापक काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज पूरी की गई है। गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा समन्वित यह 17 घंटे की ड्रिल 7 अगस्त को सुबह 10 बजे से 8 अगस्त को सुबह 4 बजे तक चलाई गई।
- 15 अगस्त 2026 के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
- एनएनएस और दिल्ली पुलिस द्वारा 17 घंटे की 'सुदर्शन शक्ति-वी' ड्रिल आयोजित की गई।
- 2 अगस्त से 16 अगस्त 2026 तक ड्रोन और सभी छोटे हवाई प्लेटफार्मों पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
- लाल किले पर मुख्य समारोह के लिए 12,000 से 20,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं।
अलग-अलग जगहों पर किए गए मॉक ड्रिल
इस अभ्यास में सिलसिलेवार धमाकों, अंधाधुंध गोलीबारी, बंधक संकट, विमान हाईजैकिंग और CBRNE (रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी, परमाणु और विस्फोटक) हमलों जैसे जटिल खतरों का अभ्यास किया गया। इस ड्रिल के लिए ISBT कश्मीरी गेट, कनाट प्लेस, नेहरू प्लेस, IGI एयरपोर्ट, लाल किला मेट्रो स्टेशन और कालकाजी मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (SWAT), विभिन्न जिला पुलिस यूनिट्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, NSG, भारतीय सेना, NDRF, CISF, BCAS, AAI, DMRC, फायर डिपार्टमेंट, FSL, CATS एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं ने हिस्सा लिया।
सुरक्षा के कड़े नियम और प्रतिबंध
पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों और खालिस्तानी तत्वों से जुड़े खुफिया इनपुट के जवाब में दिल्ली भर में सुरक्षा उपायों को काफी बढ़ा दिया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 2 अगस्त से 16 अगस्त 2026 तक ड्रोन और सभी छोटे हवाई प्लेटफार्मों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है, जिसके उल्लंघन पर BNS धारा 223 के तहत सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, 9 अगस्त से 16 अगस्त तक दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर सख्त सुरक्षा जांच की जा रही है, जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अंतर-राज्यीय तालमेल के महत्व पर जोर दिया, जिस पर 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा की गई थी।
लाल किले पर हाई-टेक सुरक्षा इंतजाम
लाल किले पर मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 12,000 से 20,000 पुलिसकर्मियों सहित व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैनात की जा रही है। भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम एनालिटिक्स के साथ निगरानी के लिए 1,000 से अधिक AI-आधारित CCTV कैमरे लगाए गए हैं। क्विक रिएक्शन टीमें (QRT), SWAT कमांडो, स्निपर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। इसके अलावा, एंटी-ड्रोन सिस्टम, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और अंडर-वेहिकल सर्विलांस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है, साथ ही संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त और गहन वाहन जांच की जा रही है।