दिल्ली के कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

राजधानी दिल्ली के कई नामी स्कूलों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उन्हें ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। गुरुवार, 15 अक्टूबर को वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल और माउंट अबू पब्लिक स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थानों को डराने वाले ईमेल भेजे गए। जैसे ही यह खबर सामने आई, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन में खलबली मच गई और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा बलों ने पूरे स्कूल परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इन धमकियों को 'होक्स' यानी फर्जी करार दिया है। हालांकि, पुलिस अब उन ईमेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी है, जिनके जरिए यह शरारत की गई। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है; इससे पहले 12 अक्टूबर को रोहिणी के दो स्कूलों में भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं।
CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में भारी सुरक्षा
एक तरफ जहां स्कूलों में डर का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा शुक्रवार, 16 अक्टूबर को आयोजित 'लेहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन को लेकर हाई अलर्ट पर है। यह प्रदर्शन CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने पार्टी सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाया है। इन दोनों सदस्यों को जंतर मंतर पर शांति भंग करने और अनधिकृत प्रवेश के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने आश्वासन दिया कि दिल्ली पुलिस इस आयोजन को पूरी तरह नियंत्रित रखेगी। हालांकि, पुलिस ने आम जनता से इस मार्च में शामिल न होने की अपील की है, लेकिन एक निर्धारित स्थान पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की अनुमति दी जा सकती है।
सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा, पूरे इलाके में अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं रहा है।