दिल्ली के 100 सरकारी स्कूलों में खुलेंगे AI लैंग्वेज लैब, बच्चे सीखेंगे विदेशी भाषाएं
दिल्ली सरकार 2026-27 तक 100 स्कूलों में AI-आधारित लैंग्वेज लैब शुरू करेगी, जहां बच्चे विदेशी भाषाएं सीखेंगे।

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अब दुनिया की बड़ी भाषाएं सीखना आसान होने जा रहा है। दिल्ली सरकार ने शिक्षा के स्तर को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आगामी 2026-27 शैक्षणिक सत्र से शहर के लगभग 100 सरकारी स्कूलों में दिल्ली सरकारी स्कूल लैंग्वेज लैब (डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम लैंग्वेज लैब्स) की शुरुआत की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने की क्षमता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को दिल्ली बजट 2026-27 के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया। इन लैब्स के जरिए न केवल अंग्रेजी, बल्कि दुनिया की लोकप्रिय विदेशी भाषाओं पर भी जोर दिया जाएगा। चयनित स्कूलों में दो विशेष भाषा प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जो छात्रों को अंग्रेजी के साथ-साथ स्पेनिश, जर्मन या फ्रेंच में से कोई एक विदेशी भाषा सिखाएंगे। इसके अलावा, इन लैब्स में हिंदी और संस्कृत जैसी भारतीय भाषाओं का भी व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
60 हजार छात्रों को मिलेगा फायदा, 21 करोड़ का बजट
शुरुआती चरण में इस प्रोग्राम का लक्ष्य करीब 60,000 छात्रों तक पहुंचना है। योजना के मुताबिक, कक्षा 6, 9 और 11 के विद्यार्थियों के लिए हर भाषा के लिए हफ्ते में एक समर्पित पीरियड रखा जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने शुरुआती तौर पर 21 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा कक्षाओं के लिए शुरू की जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भाषा प्रशिक्षण के इस दायरे को और बढ़ाया जाएगा। AI-सक्षम सुविधाओं से लैस ये लैब छात्रों को एक ऐसा माहौल प्रदान करेंगी जहां वे बिना किसी झिझक के नई भाषाएं सीख सकेंगे और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ा पाएंगे।