Delhi High Court ने बंद की स्कूली खेल याचिका, विंटर पॉल्यूशन से पहले खत्म होंगे सभी Sports Events

दिल्ली में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। Delhi High Court ने 3 अगस्त 2026 को नाबालिग छात्रों के एक समूह द्वारा दायर की गई याचिका को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया है। यह फैसला दिल्ली सरकार के उस आश्वासन के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी Delhi State School Games (DSSG) इवेंट्स अक्टूबर 2026 तक समाप्त हो जाएंगे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य नवंबर से जनवरी के दौरान होने वाले गंभीर विंटर पॉल्यूशन के महीनों में बाहर की जाने वाली खेल गतिविधियों को रोकना है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) ने इस सुनवाई की अध्यक्षता की और सरकार की इस प्रतिबद्धता को रिकॉर्ड किया, जिसकी विस्तृत जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।
Revised Sports Calendar और Affidavit की जानकारी
दिल्ली सरकार ने High Court में एक स्टेटस एफिडेविट (status affidavit) जमा किया, जिसमें पुष्टि की गई कि संशोधित खेल कैलेंडर यह सुनिश्चित करेगा कि चरम शीतकालीन प्रदूषण (peak winter pollution) शुरू होने से पहले सभी इवेंट्स पूरे हो जाएं। शिक्षा विभाग (Department of Education) की स्पोर्ट्स ब्रांच ने 6 जुलाई 2026 को एक नया सर्कुलर जारी किया था, जिसमें Delhi State School Games के तहत 40 अलग-अलग खेलों के लिए संभावित शेड्यूल की रूपरेखा दी गई है। इस संशोधित शेड्यूल को संभावित एयर पॉल्यूशन के स्तर, पिछली न्यायिक दिशा-निर्देशों, शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के शेड्यूल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सुपरवाइजर्स ऑफ फिजिकल एजुकेशन (SPEs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टेट-लेवल इवेंट्स से काफी पहले जोनल प्रतियोगिताओं को पूरा कर लें।
याचिकाकर्ता और वकीलों के बयान
यह याचिका शुरू में 11 स्कूली छात्रों के एक समूह द्वारा लाई गई थी, जिसमें लीड petitioner निसा बेदी (Nysa Bedi) शामिल थीं, जिनका प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट श्येल त्रेहन (Senior Advocate Shyel Trehan) ने किया। इसका उद्देश्य उच्च प्रदूषण की अवधि के दौरान आउटडोर स्पोर्ट्स को रोकना था। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व एडवोकेट हर्षिता नाथरानी (Advocate Harshita Nathrani) ने किया। सीनियर एडवोकेट त्रेहन ने सरकार के इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया और इसे एक सकारात्मक कदम बताया, जिसने सीधे तौर पर बच्चों की चिंताओं को दूर किया। इसके अलावा, 16 वर्षीय याचिकाकर्ता अभिवीर गुलाटी (Abhiveer Gulati) ने इस बदलाव का स्वागत किया और एयर पॉल्यूशन के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए इसके फायदों का जिक्र किया।