दिल्ली के रोहिणी स्थित स्कूल को फीस वृद्धि और फायर सेफ्टी में कमी पर सरकार का नोटिस जारी

दिल्ली सरकार ने रोहिणी के एक स्कूल को निरीक्षण के बाद नोटिस जारी किया है। इस जांच में स्कूल में बिना अनुमति फीस बढ़ाना, फायर सेफ्टी में कमी, 15.6 करोड़ रुपये का घाटा और खेलकूद की सुविधाएं पूरी न होना जैसी कई कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम ने स्कूल के कामकाज की जांच के बाद ये खुलासे किए हैं।
निजी स्कूलों पर सरकार की कड़ी नजर
निजी शिक्षण संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार लगातार कदम उठा रही है। शिक्षा निदेशालय (DoE) ने पहले भी कड़े कदम उठाए हैं, जैसे दिसंबर 2022 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) रोहिणी की मान्यता रद्द करना। यह कार्रवाई 'मुनाफेखोरी, कमर्शियलाइजेशन और पैरेंट्स के शोषण' के आरोपों के तहत की गई थी। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की जमीन पर चलने वाले स्कूलों के लिए फीस बढ़ाने से पहले सरकार की मंजूरी लेना जरूरी है।
अप्रूव्ड नियमों का पालन करना अनिवार्य
निरीक्षण अभियान के तहत दिल्ली शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2025 में 600 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों की जांच की थी। इसके बाद रोहिणी के लैंसर्स कॉन्वेंट सहित 11 स्कूलों को शो कॉज नोटिस जारी किए गए। विभाग ने साफ किया है कि सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स, 1973 के नियमों का पालन करना होगा।
नया स्कूल फीस बिल और नियम
रेगुलेशन को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने 3 अगस्त 2025 को एक ड्राफ्ट स्कूल फीस बिल जारी किया, जिसे अप्रैल 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। इस बिल में बिना मंजूरी फीस बढ़ाने पर 1 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने और 20 दिन के भीतर रिफंड का प्रस्ताव है। बार-बार गलती करने वालों की मान्यता रद्द या मैनेजमेंट को टेकओवर किया जा सकता है।