दिल्ली के स्कूल ने सुरक्षा कारणों से जेएनयू प्रोफेसर जोया हसन का स्वतंत्रता दिवस भाषण किया रद्द

दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालया ने 14 अगस्त 2026 को जेएनयू की प्रोफेसर एमेरिटा जोया हसन के निर्धारित स्वतंत्रता दिवस संबोधन को रद्द कर दिया। स्कूल प्रशासन ने वक्ता और छात्रों को सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। प्रोफेसर हसन को कार्यक्रम में 'Why Pluralism Matters' विषय पर भाषण देना था, लेकिन कार्यक्रम से ठीक कुछ घंटे पहले उन्हें इस कैंसिलेशन की सूचना दी गई।
विवाद और विभिन्न प्रतिक्रियाएं
स्कूल अधिकारियों का कहना था कि यह निर्णय सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया, लेकिन इस घटना की शिक्षाविदों और संगठनों द्वारा तीखी आलोचना की गई। सफदर हाशमी मेमोरियल ट्रस्ट (Sahmat) सहित अन्य संगठनों ने आरोप लगाया कि स्कूल पर बाहरी दबाव था। रिपोर्ट्स में बताया गया कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सदस्य स्कूल के बाहर एकत्र हुए थे, हालांकि VHP ने किसी भी सक्रिय विरोध प्रदर्शन से इनकार किया और इस संबोधन के रद्द होने का खुले तौर पर स्वागत किया।
पुलिस का बयान और शिक्षाविदों की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में सतर्क किया गया था और आयोजकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट रूप से कैंसिलेशन के लिए मजबूर करने या साइट पर औपचारिक विरोध प्रदर्शन देखने से इनकार किया। इसके बाद जेयति घोष और अपूर्वानंद जैसे शिक्षाविदों ने इस घटना की निंदा की और इसे शैक्षणिक स्वतंत्रता तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक चिंताजनक प्रतिबंध बताया।