द्वारका में बनेगा 10 मंजिला 'दिल्ली सदन', सरकार ने ₹152 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

Kittu Kumari5 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
द्वारका में बनेगा 10 मंजिला 'दिल्ली सदन', सरकार ने ₹152 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

राजधानी दिल्ली में अब सरकारी मेहमानों और वीवीआईपी मेहमानों के ठहरने के लिए एक शानदार ठिकाना होगा। दिल्ली सरकार ने शहर के पहले समर्पित सरकारी स्टेट गेस्ट हाउस 'दिल्ली सदन' के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 9 सितंबर, 2026 को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इस बड़े प्रोजेक्ट पर मुहर लगाई गई। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 151.97 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जो दिल्ली के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा इजाफा होगा।

यह आलीशान 10 मंजिला इमारत द्वारका के सेक्टर 19 में एक 3,899.42 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनाई जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि यह जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने साल 2020 में पर्यटन विभाग को आवंटित की थी, जिसका कब्जा फरवरी 2021 में मिल चुका है। इस इमारत का डिजाइन ऐसा रखा गया है जो शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक विरासत और लुटियंस दिल्ली की आधुनिक वास्तुकला का एक खूबसूरत संगम होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया गेस्ट हाउस

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दिल्ली सदन केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि सुविधाओं का एक केंद्र होगा। करीब 15,984 वर्ग मीटर के कवर एरिया में फैली इस इमारत में निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:

  • कमरे और सुइट्स: कुल 44 गेस्ट रूम और विशेष वीवीआईपी सुइट्स।
  • कॉन्फ्रेंस और मीटिंग: बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग रूम और बैंक्वेट फैसिलिटी।
  • अन्य सुविधाएं: शानदार एंट्रेंस लॉबी, रेस्टोरेंट, किचन, डाइनिंग एरिया और सोवेनियर शॉप।
  • जरूरी सेवाएं: एटीएम, स्टाफ के लिए रहने की जगह और बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा।

इस गेस्ट हाउस की लोकेशन बहुत रणनीतिक है, क्योंकि यह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आने वाले प्रतिनिधियों को काफी आसानी होगी।

प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) को सौंपी गई है, जिसने निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरी इमारत को तैयार करने में 21 महीने का समय लगेगा, जिसमें 3 महीने प्री-कंस्ट्रक्शन और 18 महीने निर्माण कार्य के लिए रखे गए हैं। बजट को तीन वित्तीय वर्षों में बांटा गया है, जिसमें 2027-28 के दौरान सबसे ज्यादा 121.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इस सुविधा को टिकाऊ बनाने के लिए राजस्व जुटाने का एक ठोस मॉडल तैयार किया जाए।

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