दिल्ली में रूफटॉप सोलर की धूम, 1 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे; 2027 तक का लक्ष्य बड़ा
दिल्ली सरकार ने रूफटॉप सोलर के लिए 1 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे किए। 2027 तक 2.30 लाख इंस्टॉलेशन का है लक्ष्य। जानें सब्सिडी और पात्रता।

राजधानी दिल्ली के लोग अब बिजली बिलों से छुटकारा पाने और पर्यावरण बचाने के लिए सोलर एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार के पोर्टल पर दिल्ली रूफटॉप सोलर रजिस्ट्रेशन की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है, जो शहर में अक्षय ऊर्जा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। भारत मंडपम में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026' के दौरान इस उपलब्धि का जिक्र किया गया।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' अब एक जन आंदोलन बन चुकी है। केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक देश भर के एक करोड़ घरों तक पहुंचना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने भी मार्च 2027 तक कुल 2.30 लाख मुफ्त रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
सब्सिडी और पात्रता की पूरी जानकारी
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। वे परिवार जो महीने में 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं, वे 3 किलोवाट (kW) तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम को मुफ्त में लगवा सकते हैं। वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि दिल्ली सरकार की ओर से 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। यदि कोई उपभोक्ता जनरेशन-बेस्ड इंसेंटिव का विकल्प चुनता है, तो दिल्ली सरकार की सब्सिडी बढ़कर 78,000 रुपये तक हो सकती है। वहीं, 3 किलोवाट से अधिक के सिस्टम के लिए कुल सब्सिडी और फंडिंग 1.56 लाख रुपये तक जा सकती है।
वर्तमान में दिल्ली की लगभग 33,000 इमारतों में सोलर सिस्टम लगे हुए हैं। सरकार ने अब तक 2,000 सरकारी इमारतों और खुले स्थानों पर पैनल लगवा दिए हैं। जगह की कमी को देखते हुए अब आवासीय परिसरों के कॉमन एरिया और कृषि भूमि पर भी सोलर पैनल लगाने की योजना बनाई जा रही है।
इस पूरी प्रक्रिया को स्थानीय डिस्कॉम (BRPL, BYPL और TPDDL) के जरिए मैनेज किया जा रहा है, जो आवेदन और नेट-मीटरिंग का काम देख रहे हैं। इस योजना के तहत CAPEX, RESCO, हाइब्रिड RESCO, कम्युनिटी सोलर और ग्रुप नेट मीटरिंग जैसे कई मॉडल अपनाए जा रहे हैं ताकि हर वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें।