दिल्ली की सड़कों और नालों की मजबूती के लिए अब होगा Ready Mix Concrete का इस्तेमाल
दिल्ली सरकार ने सड़कों और नालों की मजबूती बढ़ाने के लिए Ready Mix Concrete (RMC) अनिवार्य किया है। जानें क्या है नई पॉलिसी।

राजधानी दिल्ली की सड़कों और नालों की हालत सुधारने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों और अनधिकृत कॉलोनियों में सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण के लिए दिल्ली की सड़कों के लिए आरएमसी (Ready Mix Concrete) का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) ने इस नई पॉलिसी की शुरुआत की है, ताकि बुनियादी ढांचे की उम्र बढ़ाई जा सके और वे लंबे समय तक टिके रहें।
अब तक सीमेंट, रेत और बजरी को मौके पर ही मैन्युअल तरीके से मिलाया जाता था, लेकिन नई नीति के तहत इस पारंपरिक तरीके को बदला जा रहा है। आरएमसी के इस्तेमाल से निर्माण कार्य में सटीकता आएगी और सड़कों की मजबूती में काफी सुधार होगा। इस बदलाव को लागू करने के लिए DSIIDC ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित आधुनिक आरएमसी प्लांटों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन प्लांटों को दो साल की अवधि के लिए पैनल में रखा जाएगा और इच्छुक कंपनियों को 17 नवंबर 2026 तक आवेदन करने का मौका दिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की बड़ी तैयारी
यह कदम शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है। इससे पहले सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नालों के निर्माण में इसी मॉडल को अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले। दिल्ली की सार्वजनिक निर्माण व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
- MB रोड का कायाकल्प: महरौली-बदरपुर (MB) रोड के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए 387 करोड़ रुपये का काम जारी है।
- ड्रेनेज मास्टर प्लान: राजधानी को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए 57,000 करोड़ रुपये के व्यापक ड्रेनेज मास्टर प्लान पर अमल किया जा रहा है।
इन सभी प्रयासों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की सड़कें और नालियां न केवल आधुनिक हों, बल्कि भारी बारिश और दबाव को झेलने में भी सक्षम हों।