दिल्ली दंगे: पुलिस पर हमला करने वाले पांच दोषियों को कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाई सजा

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमला करने और उन्हें रोकने के मामले में पांच लोगों को दो साल तक की अलग-अलग जेल की सजा सुनाई है। यह सजा 24 सितंबर 2026 को दी गई है, जो 9 सितंबर 2026 को आए दोषसिद्ध आदेश के बाद तय की गई। यह घटना 24 फरवरी 2020 को भजनपुरा इलाके में दिल्ली डीज़ल पेट्रोल पंप के पास हुई थी (Source: ANI)। दोषियों की पहचान आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली और हुनैन के रूप में हुई है।
सज़ा और धाराओं का विवरण
इन लोगों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 के तहत दंगा फैलाने और धारा 152 के तहत दंगा रोकने वाले लोक सेवक को बाधा पहुंचाने का दोषी पाया गया। दंगे के आरोप में प्रत्येक को डेढ़ साल की कैद और 4,000 रुपये का जुर्माना मिला। धारा 152 के तहत दो साल की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, लोक सेवक को बाधा पहुंचाने के लिए दो महीने और ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक पर हमला करने के लिए डेढ़ साल की सजा दी गई (Source: ANI News)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने कहा कि 100 से 150 लोगों की भीड़ सीएए/एनआरसी के खिलाफ नारे लगा रही थी।
अन्य आरोपों से बरी
अदालत ने कहा कि दंगे के दौरान राज्य मशीनरी पर हमले में नरमी बरती जानी उचित नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण अधिकतम तीन साल की सजा नहीं दी गई। अदालत ने पेट्रोल पंप पर आगजनी और वाहन जलाने के आरोपों से पांचों पुरुषों को बरी कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष के इन दावों पर गंभीर संदेह था। बचाव पक्ष के लोगों को गवाहों को चोट पहुंचाने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोपों से भी बरी कर दिया गया।