दिल्ली के नामी रेस्टोरेंट्स की किचन में भारी गंदगी, Aaj Tak की जांच में हुआ खुलासा
Aaj Tak की अंडरकवर जांच में दिल्ली के बड़े रेस्टोरेंट्स की किचन में भारी गंदगी और नियमों की अनदेखी सामने आई है।

अगर आप दिल्ली के मशहूर रेस्टोरेंट्स में बाहर से चमकती सजावट और स्वाद के दीवाने हैं, तो सावधान हो जाइए। दिल्ली रेस्टोरेंट हाइजीन जांच के लिए 'आज तक' की टीम ने जब '10 तक' सेगमेंट के तहत अंडरकवर ऑपरेशन चलाया, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला है। छिपे हुए कैमरों से की गई इस जांच में राजधानी के कई बड़े और नामी फूड आउटलेट्स में साफ-सफाई के मानकों की जमकर धज्जियां उड़ती दिखीं।
जांच का मुख्य मकसद यह देखना था कि क्या इन रेस्टोरेंट्स की किचन में स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है और क्या नगर निगम (MCD) के फूड इंस्पेक्टर अपनी जिम्मेदारी सही से निभा रहे हैं। नतीजों ने साफ कर दिया कि कई बड़े ईटरीज़ कानूनी नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है।
खाद्य सुरक्षा पर सरकार और कोर्ट का सख्त रुख
शहर में फूड सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने हाल ही में वेयरहाउस और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। इस कार्रवाई में एक्सपायर हो चुके उत्पाद, कीड़ों का संक्रमण और स्टोरेज की भारी लापरवाही मिली। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि देसी घी के 59 नमूनों में से 19 असुरक्षित पाए गए, जिसके बाद कई संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें बंद करने के आदेश दिए गए।
सिस्टम में सुधार के लिए MCD ने जुलाई 2026 में रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम लागू किया था और अगस्त 2026 में एक पब्लिक ग्रेडिंग सिस्टम शुरू किया गया, जिसमें किचन की स्वच्छता और स्टाफ के व्यवहार के आधार पर 'A' से 'D' तक की रेटिंग दी जाती है।
वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर MCD पर दबाव बढ़ाया है। कोर्ट ने सुझाव दिया है कि यूनिवर्सिटी के सोशल वर्क छात्र सार्वजनिक सुविधाओं का औचक निरीक्षण करें। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि सफाई में लापरवाही बरतने वाले डिप्टी कमिश्नर और चीफ इंजीनियर जैसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, MCD अब होटलों और रेस्टोरेंट्स से कचरा कलेक्शन के लिए मासिक यूजर चार्ज लेने पर भी विचार कर रहा है ताकि स्वच्छता ढांचे को और मजबूत किया जा सके।