Delhi Dengue Cases: दिल्ली में डेंगू के 223 मामले दर्ज, MCD में दवाइयों की कमी और डेटा में गड़बड़ी का खुलासा

Kittu Kumari19 August 20262 min read84 viewsDelhi Local
Delhi Dengue Cases: दिल्ली में डेंगू के 223 मामले दर्ज, MCD में दवाइयों की कमी और डेटा में गड़बड़ी का खुलासा

19 अगस्त 2026 तक, दिल्ली में आधिकारिक तौर पर 223 डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें Municipal Corporation of Delhi (MCD) Public Health Department के कामकाज में बड़ी परेशानियों और डेटा में अंतर सामने आया है। वेस्ट जोन में सबसे ज्यादा 40 मामले, सेंट्रल जोन में 31 और शाहदरा साउथ जोन में 24 मामले रिपोर्ट हुए हैं। खास बात यह है कि 11 अगस्त को पहले बताए गए 230 मामलों से आंकड़े में गिरावट आई है, जिससे हेल्थ डिपार्टमेंट पर डेटा में हेराफेरी के आरोप लगे हैं।

  • साल 2026 में कुल मच्छर जनित बीमारियों के आंकड़ों में 246 डेंगू, 80 मलेरिया और 19 चिकनगुनिया के मामले शामिल हैं।
  • शहर में इस साल इन बीमारियों से किसी की भी मौत की खबर नहीं है।
  • जांच में खतरनाक DENV-2 स्ट्रेन भी पाया गया है।

MCD में दवाइयों और स्टाफ की भारी कमी

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जांच से पता चला है कि MCD हेल्थ डिपार्टमेंट जरूरी दवाइयों और कीटनाशकों (insecticides) की भारी कमी से जूझ रहा है। साल 2025 की तुलना में एंटी-मच्छर स्प्रे में 61% की गिरावट आई है और घर-घर जाकर होने वाले निरीक्षण (door-to-door inspections) में 8.3% की कमी आई है। इन समस्याओं के साथ विभाग स्टाफ की कमी का भी सामना कर रहा है, जहाँ स्वीकृत 6,304 पदों में से 1,657 पद खाली पड़े हैं।

मच्छर के लार्वा और कानूनी कार्रवाई

इस बीमारी से निपटने के प्रयासों के तहत 14 अगस्त तक 2.38 करोड़ से ज्यादा परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 91,217 घरों में मच्छर के लार्वा मिले। इसके बाद 74,591 कानूनी नोटिस जारी किए गए और 6,724 मामलों में कोर्ट की कार्रवाई शुरू की गई।

केंद्रीय मंत्री की बैठक और अधिकारियों के बयान

1 जुलाई 2026 को, Union Health Minister JP Nadda ने एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें एक्टिव तैयारी, तेज निगरानी और डेडिकेटेड हॉस्पिटल वार्ड, डायग्नोस्टिक किट और पर्याप्त दवा स्टॉक सुनिश्चित करने की बात कही गई (Source: PIB)। जबकि MCD Mayor Pravesh Wahi ने 8 अगस्त 2026 को दावा किया कि पिछले शासनकाल की तुलना में डेंगू के मामलों में कमी आई है, वहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मच्छर के प्रजनन चक्र को रोकने के लिए फरवरी से मई के बीच निवारक उपाय (preventive measures) शुरू किए जाने चाहिए थे।

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