दिल्ली में दो साल की सबसे भारी बारिश, 99.1 मिमी पानी बरसा

दिल्ली में 25 अगस्त 2026 को पिछले दो वर्षों से अधिक समय का सबसे गीला दिन दर्ज किया गया। सफदरजंग वेधशाला ने सुबह 8:30 बजे समाप्त होने वाले 24 घंटों में 99.1 मिमी बारिश दर्ज की। यह आंकड़ा 8 अगस्त 2026 को दर्ज 98.7 मिमी से अधिक है और 1 अगस्त 2024 के बाद से सबसे अधिक एक दिन की कुल बारिश है जब शहर में 107.6 मिमी बारिश हुई थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच की बारिश को भारी माना जाता है।
विभिन्न इलाकों में भारी बारिश और आंकड़े
राष्ट्रीय राजधानी के अन्य निगरानी स्टेशनों पर भी भारी बारिश दर्ज की गई। दिल्ली विश्वविद्यालय में 104 मिमी, आयानगर में 101.9 मिमी, रिज में 100.4 मिमी, लोदी रोड में 98.3 मिमी, जनकपुरी में 76 मिमी और पालम में 68 मिमी बारिश हुई। इन घटनाओं ने सफदरजंग में अगस्त के लिए कुल बारिश को 354.1 मिमी तक पहुंचा दिया, जो पूरे महीने के लिए 226.8 मिमी के लंबे समय के औसत से अधिक है। 26 अगस्त तक 1 जून से सफदरजंग में दर्ज मौसमी बारिश 640.4 मिमी के जून-सितंबर के मौसमी सामान्य से अधिक होकर 653.9 मिमी तक पहुंच गई है (Source)।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट और जनजीवन पर असर
IMD ने 25 अगस्त को दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। इसमें भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी, बिजली चमकने और लगभग 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। इस बारिश के कारण कनॉट प्लेस, आईटीओ, एम्स और सुप्रीम कोर्ट जैसे क्षेत्रों में व्यापक जलभराव हो गया और यातायात बुरी तरह बाधित हुआ। दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर परिचालन काफी प्रभावित हुआ, जिसमें कम से कम 15 से 18 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 90 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं या डायवर्ट की गईं (Source)।
बारिश का कारण और वायु गुणवत्ता
मध्य और ऊपरी स्तर के पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल की द्रोणिका के बीच परस्पर क्रिया के कारण यह तीव्र मौसम हुआ। IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए लगातार भारी बारिश की चेतावनी भी दी। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने जलभराव की पुरानी समस्याओं पर चिंता जताई, जबकि 25 अगस्त को शहर की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी रही।