दिल्ली में 4 साल की सबसे भारी बारिश, मौसम हुआ सुहाना लेकिन AQI ने बढ़ाई चिंता

राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए सोमवार का दिन मौसम के लिहाज से काफी बड़ा बदलाव लेकर आया। 12 अक्टूबर 2026 को शहर में हुई जोरदार बारिश और गरज-चमक ने न केवल तपिश को कम किया, बल्कि पिछले चार सालों का एक रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। सफदरजंग वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 41.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अक्टूबर महीने के लिए पिछले चार वर्षों में किसी एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।
इस भारी बारिश का सीधा असर तापमान पर दिखा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, न्यूनतम तापमान गिरकर 18.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था। सोमवार को IMD ने दिल्ली के सभी 13 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया था, जिसमें झंडेवालन और करोल बाग जैसे इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की चेतावनी दी गई थी।
हवा की गुणवत्ता और प्रशासन की तैयारी
बारिश के बाद दिल्ली की हवा में कुछ समय के लिए राहत महसूस की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सोमवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 53 दर्ज किया। हालांकि, मंगलवार 13 अक्टूबर को स्थिति थोड़ी उलझी हुई नजर आई। जहां कुछ अनुमानों में AQI के 15 अक्टूबर तक 'मध्यम' श्रेणी में रहने की बात कही गई, वहीं कुछ अन्य आंकड़ों ने AQI 332 दर्ज किया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। इसमें PM10 का स्तर 332 µg/m³ और PM2.5 का स्तर 178 µg/m³ रहा।
प्रदूषण की इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ एक समीक्षा बैठक की गई। यह बैठक 3 अक्टूबर के निरीक्षण और 7 अक्टूबर को जारी नोटिस के बाद बुलाई गई थी, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण मलबे और धूल के जमाव पर चिंता जताई गई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़कों की सफाई और धूल को कम करने के उपायों पर चर्चा करना था।
मौसम की बात करें तो मंगलवार सुबह IMD ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है और फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान के न्यूनतम 19-21 डिग्री और अधिकतम 32-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।