दिल्ली रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव, कमर्शियल मार्केट और नए नियमों से दुकानदारों की बढ़ी मुश्किलें

दिल्ली में दुकान खोलने की सोचने वाले लोग आजकल एक बदलते हुए कमर्शियल माहौल का सामना कर रहे हैं। यहाँ भारी निवेश और नए नियमों का असर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर के रियल मार्केट में साल 2026 की तीसरी तिमाही में 9.5 अरब डॉलर का बड़ा निवेश आया है। इस दौरान ऑफिस और दुकानों की मांग भी काफी बढ़ गई है। इसके बारे में अधिक जानकारी ANI News पर देख सकते हैं।
दुकान और व्यापार से जुड़े नए नियम
दिल्ली दुकान और स्थापना (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू होने के बाद व्यापार के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। 11 मार्च 2026 को दिल्ली गजट में छपे इस कानून के तहत 20 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाले दफ्तरों के नियम बदले गए हैं। अब काम करने का समय रोजाना अधिकतम 10 घंटे और हफ्ते में 60 घंटे तक कर दिया गया है। इसके अलावा कड़े सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी के साथ महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। कानून में तीन महीने में कुल 144 घंटे तक ओवरटाइम की सीमा तय की गई है और लगातार छह घंटे काम करने के बाद आराम का समय देना जरूरी किया गया है।
एमसीडी की कार्रवाई और नई आबकारी नीति
दूसरी तरफ, दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी शहर में नियमों का पालन कराने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। एमसीडी ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली के 12 जोन में 29 तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 10 संपत्तियों को सील कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली सरकार अक्टूबर 2026 में नई आबकारी नीति लाने की तैयारी कर रही है। उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू और दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहे इस नए मसौदे में शराब विक्रेताओं के लिए ड्यूटी और मुनाफे में बदलाव का प्रस्ताव है, जिससे खुदरा बाजार पर असर पड़ सकता है।