रामलीला नई पीढ़ी को सनातन संस्कार देने का सशक्त माध्यम: सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली के डीडीए रामलीला मैदान में 'सनातन संस्कारम परिवार' द्वारा आयोजित भव्य रामलीला में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिरकत की। 'सनातन संस्कारम - परंपरा से भविष्य तक' थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में सीएम ने भगवान राम की दिव्य लीला और उनकी भव्य शोभायात्रा का साक्षी बनकर अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने जोर देकर कहा कि रामलीला केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला के माध्यम से हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दोबारा जुड़ने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि दशहरा के दिन रावण के पुतले का दहन हमें यह याद दिलाता है कि अंत में जीत हमेशा सत्य की होती है और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न दिखे, धर्म की ही विजय होती है। सीएम ने इस आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह और सनातन संस्कारम परिवार को बधाई दी और बहुत कम समय में इतने बड़े स्तर पर आयोजन करने के उनके प्रयासों की तारीफ की।
सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता पर जोर
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार लोगों की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कपिल मिश्रा के मुताबिक, प्रभु राम का जीवन हमें एकता, साहस, गरिमा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यदि हम इन आदर्शों को अपने जीवन में उतारें, तो समाज में सकारात्मकता और सद्भाव बढ़ेगा, जिससे राष्ट्रीय एकता और मजबूत होगी।
वहीं, कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रज सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति की आधारशिला हैं और उनके विचार हर भारतीय के हृदय में बसे हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान रामलीला का मंचन हमारी समृद्ध परंपरा का हिस्सा है, जो युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़े रखने और उनमें धार्मिक विश्वास जगाने में अहम भूमिका निभाता है।