दिल्ली PWD की हाई-लेवल बैठक, आउटर और ग्रामीण इलाकों में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा

Kittu Kumari24 August 20262 min read393 viewsDelhi Local
दिल्ली PWD की हाई-लेवल बैठक, आउटर और ग्रामीण इलाकों में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को दिल्ली सचिवालय में Public Works Department (PWD) के अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने एक हाई-लेवल बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के आउटर और ग्रामीण जिलों में रोड कनेक्टिविटी में सुधार करना और ट्रैफिक जाम को कम करना था। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है। बैठक के दौरान बवाना विधायक और दिल्ली के मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने दो महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव रखा। इसमें बवाना में सहायक ड्रेनेज चैनल पर एक एलिवेटेड कॉरिडोर और 11.70 किलोमीटर लंबा कंझावला-मंगोलपुरी एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। इसकी अधिक जानकारी ANI National Category पर उपलब्ध है।

स्थानीय लोगों की जरूरतों पर जोर

मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने जोर देकर कहा कि इन पब्लिक वर्क्स की प्लानिंग में स्थानीय आबादी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बवाना कॉरिडोर के लिए आसपास के गांवों के वास्ते डेडिकेटेड एंट्री और एग्जिट पॉइंट, बेहतर पैदल यात्री सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा उपायों की वकालत की। मंत्री सिंह ने PWD अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोजाना होने वाली यात्रा की परेशानियों को कम करने के लिए एक चरणबद्ध निर्माण रणनीति अपनाई जाए। साथ ही, उन्होंने इन कॉरिडोर के लिए भविष्य की वाहन वृद्धि क्षमता का व्यापक आकलन करने का अनुरोध किया।

पुराने प्रोजेक्ट्स और आगे की योजना

ये प्रोजेक्ट्स राजधानी में पिछले इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर आधारित हैं। अप्रैल 2026 में, PWD ने कंझावला चौक और मंगोलपुरी आउटर रिंग रोड के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए फिजिबिलिटी स्टडी शुरू की थी, साथ ही बवाना रोड के साथ 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए भी स्टडी शुरू की थी। इसके अलावा, जुलाई 2026 में विभाग ने ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड और अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक के एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए Detailed Project Reports (DPRs) के वास्ते बोलियां आमंत्रित की थीं। इन DPRs की अनुमानित लागत 3.21 करोड़ रुपये है और इसके पूरा होने की समय सीमा पांच महीने है। मंत्री सिंह ने दोहराया कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए रोड नेटवर्क के ऐसे अपग्रेड जरूरी हैं।

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