दिल्ली में 'गवर्नमेंट ऑन व्हील्स' शुरू, PWD मंत्री ने सड़कों और नालों की हालत सुधारने के दिए आदेश

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में 'गवर्नमेंट ऑन व्हील्स' शुरू, PWD मंत्री ने सड़कों और नालों की हालत सुधारने के दिए आदेश

दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने एक नई और अनोखी पहल 'गवर्नमेंट ऑन व्हील्स' की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत मंत्री खुद मैदान में उतरकर समस्याओं का जायजा ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मध्य और पश्चिम दिल्ली के विभिन्न इलाकों का दौरा किया, जहां उन्होंने सड़कों की बदहाली, जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइटों जैसी गंभीर समस्याओं को करीब से देखा और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

इन इलाकों में होगा काम, तय की गई समय सीमा

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं ताकि जनता को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों पर जोर दिया गया है:

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  • रोहतक रोड और ज़कीरा इलाका: रोहतक रोड की री-कार्पेटिंग (सड़क दोबारा बनाने) और ज़कीरा क्षेत्र में नालों की डी-सिल्टिंग के आदेश दिए गए हैं ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो।
  • रानी झांसी फ्लाईओवर: फ्लाईओवर के नीचे से अतिक्रमण हटाने, गहन सफाई अभियान चलाने और नई लाइटें लगाने के लिए PWD और नगर निगम को केवल एक हफ्ते का समय दिया गया है।
  • सड़क और फुटपाथ मरम्मत: रानी झांसी रोड और ईदगाह रोड पर टूटे हुए फुटपाथों और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 15 दिनों की डेडलाइन तय की गई है।
  • अन्य महत्वपूर्ण स्थल: करमपुरा फ्लाईओवर, पटेल रोड और शादीपुर जैसे इलाकों में गड्ढों को भरने, रोड मार्किंग करने और साइन बोर्ड ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, शंकर रोड पर साफ-सफाई बढ़ाने और सड़क किनारे जमा मलबे को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। साथ ही, दिल्ली मेट्रो के ढांचों के पास जमा निर्माण सामग्री (कन्स्ट्रक्शन वेस्ट) को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन सभी निर्देशों पर कितनी प्रगति हुई है, इसकी समीक्षा ठीक एक महीने बाद की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी दफ्तरों के बजाय सीधे मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना है ताकि दिल्ली की बुनियादी ढांचा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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