दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने साउथ दिल्ली में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी ने साउथ दिल्ली में 420 किलोमीटर से ज्यादा लंबे सड़क नेटवर्क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक और सुरक्षा ऑडिट शुरू करने की घोषणा की है। यह घोषणा 17 सितंबर 2026 को की गई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर करना, जाम को कम करना और 270 प्रमुख कॉरिडोर पर दुर्घटना वाले ब्लैकस्पॉट को खत्म करना है। इस बारे में अधिक जानकारी पीडब्ल्यूडी दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, विभाग इस बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने हेतु 3.5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर एक विशेष कंसलटेंट को नियुक्त करेगा। इस अध्ययन में आउटर रिंग रोड, रिंग रोड, महरौली-बदarpur रोड, लाला लाजपत राय मार्ग, हंसराज गुप्ता मार्ग, श्री अरबिंदो मार्ग और महाराजा अग्रसेन मार्ग जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं। एआई-संचालित विश्लेषण का उपयोग करके, पीडब्ल्यूडी महत्वपूर्ण बाधाओं की पहचान करेगा और ट्रैफिक को सुचारू बनाएगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत सड़क उपयोगकर्ता सुरक्षा घटक के रूप में, मौजूदा सीसीटीवी कवरेज का आकलन किया जाएगा और ऑटोमैटिक इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम की जांच की जाएगी। इससे मिलने वाला डेटा एकीकृत शहरी परिवहन योजना के लिए निर्णय-समर्थन प्रणाली के रूप में काम करेगा। इस ऑडिट से कम लागत वाले इंजीनियरिंग हस्तक्षेपों और प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स की लागत अनुमानों के साथ एक अल्पकालिक कार्य योजना तैयार होगी। इसके साथ ही, पीडब्ल्यूडी पुलों, फ्लाईओवर और फुट-ओवर ब्रिजों का शहर-व्यापी सुरक्षा ऑडिट भी कर रहा है।