दिल्ली में 1 अक्टूबर से PUC सर्टिफिकेट के बिना गाड़ी चलाने पर लगेगा 10 हजार रुपये जुर्माना

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी के बिना गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर की हवा को साफ करना और नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर 2026 को बुराड़ी में एक नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के उद्घाटन के दौरान यह घोषणा की।
नए नियमों के तहत बिना वैध पीयूसी के गाड़ी चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) और सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 के नियम 115(7) के तहत की जाएगी। जुर्माने के अलावा वाहन चालकों का लाइसेंस तीन महीने के लिए रद्द किया जा सकता है, छह महीने तक की जेल हो सकती है, या दोनों सजाएं मिल सकती हैं, साथ ही गाड़ी भी जब्त की जा सकती है। इसके संबंध में अधिक जानकारी यहाँ दिल्ली सरकार की घोषणा में देखी जा सकती है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति लागू की है, जिसके तहत पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी पंपों को बिना वैध सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन देने से मना करने का निर्देश दिया गया है। वर्तमान में शहर में लगभग 950 अधिकृत पीयूसी टेस्टिंग सेंटर काम कर रहे हैं। सरकार इन टेस्टिंग केंद्रों पर कैमरे लगाकर निगरानी भी बढ़ा रही है। वाहन मालिक अपने सर्टिफिकेट की स्थिति एमपरिवहन या वाहन पोर्टल के जरिए जांच सकते हैं। मंत्री सिंह ने यह भी बताया कि बुराड़ी, तेहखंड और नंद नगरी में बने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन सामान्य एमिशन जांच के अलावा ब्रेकिंग, सस्पेंशन और हेडलाइट जैसे अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच करेंगे।