दिल्ली में 1 अक्टूबर से सख्त नियम: वैध पीयूसी न होने पर कटेगा 10,000 रुपये तक का चालान और हो सकती है जेल

Kittu Kumari28 September 20261 min read3 viewsDelhi Local
दिल्ली में 1 अक्टूबर से सख्त नियम: वैध पीयूसी न होने पर कटेगा 10,000 रुपये तक का चालान और हो सकती है जेल

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। 1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली में वैध पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान राजधानी में चलने वाले सभी मोटर वाहनों पर लागू होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा में रजिस्टर्ड वाहन भी शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों में रजिस्ट्रेशन होने से नियमों की पालना से छूट नहीं मिलेगी। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 115(7) के तहत सभी वाहनों के लिए शुरुआती रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद वैध पीयूसी होना अनिवार्य है। नियमों की निगरानी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, वाहन डेटाबेस और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। वैध सर्टिफिकेट के बिना गाड़ी चलाने पर चालकों को 10,000 रुपये तक का जुर्माना, तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड या छह महीने तक की जेल हो सकती है।

नो पीयूसी नो फ्यूल नीति लागू

सख्त नियमों के तहत दिल्ली सरकार ने 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति लागू की है। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर वैध सर्टिफिकेट के बिना वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत जांच केंद्रों पर निगरानी कैमरे भी लगा रही है। इसके अलावा, बुरारी जैसी नई ऑटोमेटेड वाहन परीक्षण सुविधाएं भी शुरू की गई हैं जो उत्सर्जन और फिटनेस जांच को आसान बनाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को उनके जीरो टेलपाइप एमिशन स्टेटस के कारण इन पीयूसी जरूरतों से छूट दी गई है।

सर्दियों के लिए विशेष प्रदूषण मास्टर प्लान

सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक स्थायी मास्टर प्लान तैयार किया गया है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक अतिरिक्त प्रतिबंध लागू रहेंगे, जिसके तहत बीएस-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा न करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक रहेगी।

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