दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने 75वीं वर्षगांठ पर लॉन्च किया 'ज्ञान बोध' प्रोग्राम, 10 लाख बच्चे होंगे लाभान्वित

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने अपनी 75वीं वर्षगांठ पर 10 लाख बच्चों के लिए 'ज्ञान बोध' कार्यक्रम शुरू किया है। जानें इसके बारे में।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी ने 75वीं वर्षगांठ पर लॉन्च किया 'ज्ञान बोध' प्रोग्राम, 10 लाख बच्चे होंगे लाभान्वित

किताबों और ज्ञान की दुनिया में दिल्ली का एक बड़ा नाम, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (DPL) अपनी स्थापना के 75 साल पूरे कर रहा है। इस खास मौके पर लाइब्रेरी ने बच्चों के बीच पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए 'ज्ञान बोध' प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी पहल का लक्ष्य दिल्ली के करीब 10 लाख बच्चों तक पहुंचना है, ताकि उन्हें शिक्षा और साहित्य से जोड़ा जा सके।

इस कार्यक्रम के तहत दिल्ली के कम से कम 1,050 स्कूलों के छात्रों को जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए अलग-अलग क्विज़ और रीडिंग एक्टिविटीज आयोजित की जाएंगी, जिससे वे भारत के समृद्ध इतिहास, संस्कृति, साहित्य और विज्ञान के बारे में गहराई से जान सकेंगे।

डिजिटल युग की ओर बढ़ते कदम और 'DPL 2051' विजन

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27 अक्टूबर को आयोजित इस समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली के कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुमीत भसीन और DPL की महानिदेशक डॉ. प्रिया राय मौजूद रहे। इस दौरान संस्थान ने अपने 'DPL 2051' विजन को साझा किया, जिसका मकसद पारंपरिक लाइब्रेरी सेवाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक के साथ जोड़ना है।

लाइब्रेरी अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल रही है। इसके लिए कई नई योजनाएं तैयार की गई हैं:

  • डिजिटल DPL 2.0: इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और साक्षरता सेवाओं को शामिल किया जाएगा।
  • ज्ञान रथ: यह एक मोबाइल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट होगा, जो किताबों को लोगों के द्वार तक पहुंचाएगा।
  • कल्चर ऑन व्हील्स: भारतीय विरासत को दिखाने के लिए एक 7D मोबाइल थिएटर शुरू किया जाएगा।

बता दें कि दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की शुरुआत 27 अक्टूबर 1951 को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा एक यूनेस्को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। जिस लाइब्रेरी ने मात्र 8,000 किताबों से अपनी यात्रा शुरू की थी, वह आज 32 केंद्रों के साथ करीब 16 लाख किताबों का विशाल संग्रह बन चुकी है।

आने वाले दिनों में यहाँ कई और कार्यक्रम होने वाले हैं। 12 नवंबर को 'नमो रिसोर्स सेंटर' का उद्घाटन होगा और 'DPL@75' प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही तीन दिवसीय 'भारत साहित्य और साझा परंपराएं उत्सव' का आयोजन भी किया जाएगा।

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