दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से कारोबार ठप, व्यापारियों का दावा- रोजाना 100 करोड़ का नुकसान

देश की राजधानी दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों और सड़कों की बंदी ने व्यापारिक जगत की कमर तोड़ दी है। दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे व्यापारियों को रोजाना करोड़ों रुपयों का घाटा हो रहा है। विशेष रूप से कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर है कि यहां प्रतिदिन करीब 100 करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान की बात सामने आ रही है।
यह संकट उस समय गहराया है जब त्योहारों का सीजन नजदीक है और बाजारों में स्टॉक भरा हुआ है। कनॉट प्लेस में फुटफॉल (ग्राहकों की संख्या) में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में रोजाना 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहता के अनुसार, यहां की दुकानों को प्रतिदिन करीब 1.5 लाख रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बाजारों में सन्नाटा और प्रशासन की सख्ती
सिर्फ पॉश इलाके ही नहीं, बल्कि पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों का हाल भी बुरा है। दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने बताया कि यहां कारोबार में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को हुई घटनाओं के कारण कुल व्यापारिक नुकसान का अनुमान 2000 करोड़ रुपये तक लगाया गया था।
तनावपूर्ण माहौल के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'तिरंगा मार्च' आयोजित किया था। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके में धारा 163 लागू कर दी है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और संकेत दिया है कि यदि छोटे व्यापारियों की आजीविका पर बुरा असर पड़ता है, तो मुआवजे पर विचार किया जा सकता है।
व्यापारियों के गुस्से और नुकसान को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि दिवाली तक विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। वहीं, NDTA ने इस मामले में राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
प्रशासन ने भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के आदेशानुसार जंतर मंतर को खाली कराकर प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड को निर्धारित किया है। हालांकि, CJP संस्थापक अभिजीत डिपके ने व्यापारियों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आर्थिक नुकसान शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण हो रहा है।