'ऐसे ही चलते रहे प्रदर्शन तो करेंगे विरोध', दिल्ली में प्रदर्शनों से कारोबार ठप, व्यापारियों ने जताया कड़ा रोष

देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में त्योहारों की चमक इस बार विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बंदोबस्तों की भेंट चढ़ती दिख रही है। दिल्ली समेत कई शहरों में जारी राजनीतिक प्रदर्शनों, ट्रैफिक जाम और भारी पुलिस बैरिकेडिंग ने बाजारों की रौनक छीन ली है। दिवाली, नवरात्रि और आने वाले शादी के सीजन से पहले व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अब व्यापारियों का धैर्य जवाब दे गया है।
राजधानी दिल्ली के पॉश मार्केट और क्लाउड किचन नेटवर्क इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। व्यापारियों का कहना है कि साल के इस सबसे व्यस्त समय में जब ग्राहकों की भीड़ होनी चाहिए थी, तब सड़कों पर पुलिस के कड़े पहरे और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी ने ग्राहकों को बाजारों से दूर कर दिया है। व्यापारियों ने अब अपनी शिकायतों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों, शहर प्रशासन और न्यायपालिका तक पहुँचाया है। उनकी मांग है कि उन्हें इस नुकसान का मुआवजा मिले और मुख्य शहरी इलाकों में प्रदर्शनों पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
क्लाउड किचन और रेस्टोरेंट की कमर टूटी
इस संकट का असर सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन फूड सर्विस और क्लाउड किचन चलाने वाले लोग भी बुरी तरह प्रभावित हैं। ट्रैफिक जाम और रास्तों की बंदी के कारण डिलीवरी चेन पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ऑर्डर्स कैंसिल हो रहे हैं। क्लाउड किचन चलाने वाले जहान खुराना ने बताया कि वे पूरे साल दिवाली जैसे त्योहारों का इंतजार करते हैं ताकि अच्छा बिजनेस कर सकें, लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि जैसे यह 'ऑफ-सीजन' हो। उन्होंने मांग की कि कम से कम दिवाली तक इन प्रदर्शनों को रोक दिया जाना चाहिए ताकि छोटे कारोबारी अपने खर्च निकाल सकें और मानसिक तनाव से उबर सकें।
वहीं, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि पुलिस की सुरक्षा ग्रिड और प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को भारी वित्तीय चोट पहुँची है। उन्होंने दावा किया कि अब तक लगभग 200 से 300 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। मेहरा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की एक ही जगह पर अड़े रहने की जिद ने पूरी मार्केट की कमर तोड़ दी है। इसी वजह से व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है।
व्यापारियों ने दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि जंतर मंतर जैसे मुख्य केंद्रों पर भीड़ नहीं होगी, तो सड़कें बंद नहीं करनी पड़ेंगी और ग्राहक बिना किसी डर या परेशानी के बाजारों में लौट सकेंगे।