चुनाव आयुक्त को हटाने पर दिल्ली में भारी प्रदर्शन, मेट्रो स्टेशन बंद और व्यापार ठप
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन जारी, कई मेट्रो स्टेशन बंद और व्यापार प्रभावित।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने के फैसले ने देश की राजधानी में तनाव बढ़ा दिया है। इस फैसले के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शनों ने दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे आम जनता, नौकरीपेशा लोग और कारोबारी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। खासकर त्योहारों के इस सीजन में जब बाजारों में भीड़ होती है, ऐसे में इन प्रदर्शनों ने शहर की व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
सुरक्षा कारणों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। 22 अक्टूबर की रात 10 बजे तक शहर के 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया गया है। इसमें राजीव चौक, कश्मीरी गेट, सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट, पटेल चौक, जनपथ, आईटीओ और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का बढ़ा नुकसान और कोर्ट में सुनवाई
प्रदर्शनों का असर सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के सबसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों जैसे कनॉट प्लेस और खान मार्केट में भी दिख रहा है। यहां के दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स ने भारी आर्थिक नुकसान की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड्स और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी कमाई घट गई है।
इस पूरे मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की मांग की गई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सूचित किया कि वे कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में आम जनता की परेशानी कम करने के लिए कानूनी उपाय लागू कर रहे हैं। अब सबकी नजरें हाई कोर्ट के फैसले पर हैं कि शहर की व्यवस्था और नागरिकों की आजीविका को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।