दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का कहर, व्यापारियों को 2,000 करोड़ का भारी नुकसान

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का कहर, व्यापारियों को 2,000 करोड़ का भारी नुकसान

राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों ने व्यापारिक जगत की कमर तोड़ दी है। 10 अक्टूबर 2026 को हुए इन प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के व्यापारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस संकट की चपेट में 20 लाख से ज्यादा छोटे-बड़े कारोबारी आए हैं, जिससे बाजार में भारी मंदी का माहौल देखा गया।

सबसे बुरा असर दिल्ली के मुख्य कमर्शियल हब जैसे सदर बाजार, चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और करोल बाग में देखने को मिला। आंकड़ों की मानें तो तीन दिनों के भीतर कुल व्यापारिक वॉल्यूम में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने हिंसा और ट्रैफिक जाम के डर से कनॉट प्लेस और उसके आसपास की दुकानों को बंद रखने की सलाह दी थी।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन और प्रशासन की कार्रवाई

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यह पूरा विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किया गया था, जिसने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यू दिल्ली क्षेत्र के बाजारों को बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद व्यवधान जारी रहा।

प्रदर्शनों के चलते न केवल दुकानें बंद रहीं, बल्कि मेट्रो सेवाएं भी बाधित हुईं और कई इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया। छात्रों पर भी इसका असर पड़ा, जिसके कारण स्कूलों और कॉलेजों की परीक्षाओं को या तो ऑनलाइन कर दिया गया या उनकी तारीखें आगे बढ़ा दी गईं। पुलिस ने इस दौरान CJP नेतृत्व, ममता बनर्जी और नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस बसों से वहां से हटाया।

व्यापारिक नुकसान को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सभी राजनीतिक दलों, विशेषकर CJP से अपील की है कि वे दिवाली के त्यौहार तक राजधानी में प्रदर्शन न करें। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर व्यस्त इलाकों में बड़े प्रदर्शनों पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि शहर के केंद्र से दूर बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसे समर्पित विरोध जोन बनाए जाएं ताकि त्योहारी सीजन के दौरान रिटेल कारोबार सुरक्षित रह सके।

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