दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठे सवाल, एक्सपर्ट्स ने किया दावा और सरकार का इनकार

Kittu Kumari2 August 20262 min read31 viewsDelhi Local
दिल्ली प्रदर्शन में पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठे सवाल, एक्सपर्ट्स ने किया दावा और सरकार का इनकार

दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने 'चलो संसद' मार्च निकाला था, जिसमें सरकारी दावों के विपरीत स्वतंत्र बैलिस्टिक एक्सपर्ट्स और मेडिकल साक्ष्यों ने पैलेट गन के इस्तेमाल का संकेत दिया है।

एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट और सरकारी इनकार

बैलिस्टिक फोरेंसिक साइंटिस्ट Philip Boyce ने चोटों की तस्वीरों को "निश्चित रूप से पैलेट गन" (12-gauge pump-action shotgun) का परिणाम बताया है। Armament Research Services (ARES) के डायरेक्टर NR Jenzen-Jones ने भी इन चोटों को "बर्डशॉट के इस्तेमाल से पूरी तरह मेल खाने वाला" बताया है। दूसरी ओर, Delhi Police और PIB Fact Check ने पैलेट गन के इस्तेमाल के दावों को "पूरी तरह झूठा और भ्रामक" बताया है, जबकि मंत्री Jitendra Singh ने संसद में कहा कि कोई "गोलियां" नहीं चलाई गईं और केवल आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ।

RAF की आंतरिक जांच और दस्तावेज

Rapid Action Force (RAF) की एक आंतरिक जांच में सामने आया कि 20 जुलाई को कम से कम एक दर्जन RAF जवानों को पैलेट गन जारी की गई थीं। 22 जुलाई की General Diary (GD) एंट्री में एंटी-रिएट गन और प्लास्टिक पैलेट के इस्तेमाल की पुष्टि हुई, जिसके बाद 23 जुलाई से RAF ने पैलेट गन का इस्तेमाल बंद कर दिया। Central Reserve Police Force (CRPF) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और केंद्र सरकार ने CRPF को जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।

Supreme Court का हस्तक्षेप और घायलों की स्थिति

Supreme Court ने दिल्ली सरकार को घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज सुनिश्चित करने और केंद्र सरकार को RAF जवानों द्वारा इस्तेमाल हथियारों व गोला-बारूद का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने "विशेष स्थितियों" में पैलेट गन के इस्तेमाल का हवाला देते हुए तुरंत प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया और केंद्र से उपयोग के दिशा-निर्देशों पर जवाब मांगा है। Lok Nayak Hospital के डॉक्टरों ने कुछ घायल प्रदर्शनकारियों की मांसपेशियों और ऊतकों में गहरे धंसे हुए पैलेट मिलने की पुष्टि की है, जिनमें छात्र Sahil Lochab (जिन्हें आंखों की रोशनी जाने का खतरा है) और पत्रकार Mohit शामिल हैं। विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने छात्र साहिल लोचब के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आकर इन चोटों की गंभीरता को उजागर किया है, जबकि दिल्ली प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध crowd-control SOPs में पैलेट गन को स्वीकृत उपाय के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।

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