चुनावी सूचियों में संशोधन के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में
चुनावी सूचियों में संशोधन के खिलाफ दिल्ली में भारी प्रदर्शन, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पढ़ें पूरी खबर।

देशभर में चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ जारी विरोध के बीच राजधानी दिल्ली में माहौल गरमा गया है। 'पीपल्स अगेंस्ट एसआईआर' (Peoples Against SIR) गठबंधन द्वारा आयोजित एक बड़े विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद प्रशासन ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब प्रदर्शनकारी संसद मार्ग स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास जमा हुए और वहां से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर कूच करने की कोशिश की। हालांकि, दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की सख्ती के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं पर 'पीपल्स पार्लियामेंट' के रूप में धरना देना शुरू कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी थी, वहीं ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर 1 से 5 बजे तक मध्य दिल्ली में कई डायवर्जन लगाए थे।
इन प्रमुख मांगों को लेकर सड़क पर उतरे लोग
14 अक्टूबर को गठित इस गठबंधन की मांगें काफी कड़ी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए करीब 13.41 करोड़ लोगों के वोटिंग अधिकार छीन लिए गए हैं, जिन्हें चुनावी सूचियों से हटा दिया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीपीएम नेता बृंदा करात ने इस मौके पर कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से नहीं हट जाते। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान और मतदान के अधिकारों पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया।
इस प्रदर्शन में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बड़े चेहरे भी शामिल हुए। इनमें राकेश टिकैत, प्रशांत भूषण, तुषार गांधी, प्रकाश राज और पराकला प्रभाकर जैसे नाम शामिल थे। साथ ही एसएफआई (SFI), आइसा (AISA), संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और कई वामपंथी संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ यह विरोध प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने भी 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान शुरू किया। भाजपा ने जिला स्तर पर पदयात्राएं निकालकर एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का समर्थन किया है।