वोटर लिस्ट विवाद: CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस गड़बड़ी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट से जंतर मंतर तक एक बड़ा मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट के रिवीजन के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है।
यह विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में जारी तनाव का हिस्सा है। इससे पहले 3 अक्टूबर को जब प्रदर्शनकारियों ने पटेल चौक से जंतर मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो दिल्ली पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए करीब 150 से 200 लोगों को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में एइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण जैसे बड़े नाम शामिल थे। इसके साथ ही NSUI ने भी इंडिया गेट पर अपना विरोध दर्ज कराया।
भारी पुलिस बल की तैनाती और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए नई दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) लागू की है, जिसके तहत सार्वजनिक सभाओं और मार्च पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
पुलिस ने 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के संबंध में सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप में कई केस दर्ज किए हैं। बताया जा रहा है कि 2 अक्टूबर को करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस पूरे आंदोलन में कपिल सिब्बल, नित्या रामकृष्णन, पल्लव सिसोदिया, आम आदमी पार्टी (AAP) और विभिन्न वामपंथी छात्र संगठन शामिल हैं।
वहीं, एइसा की नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। गौरतलब है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के खिलाफ इस तरह के विरोध प्रदर्शन दिल्ली के अलावा मुंबई सहित देश के अन्य हिस्सों में भी देखे जा रहे हैं।