CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, दिल्ली में AISA और अन्य संगठनों का जोरदार प्रदर्शन

देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और कई अन्य संगठनों ने अशोक रोड के पास एक विरोध मार्च निकाला, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त से उनके पद से इस्तीफे की मांग की गई। यह पूरा विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ है।
प्रदर्शन का असर जंतर मंतर के पास भी देखा गया, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी गहमागहमी रही। इस दौरान AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल जैसे दिग्गजों ने पुलिस बैरिकेड्स को लांघने की कोशिश की। सुरक्षा व्यवस्था सख्त थी और पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस विरोध प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस, SFI, DYFI और आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए। AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को भी जंतर मंतर पहुंचते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
विवाद की जड़ और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा मामला तब गरमाया जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची, पंजीकरण और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े फैसलों पर पिछले 10 महीनों में करीब 14 बार अपनी आपत्तियां जताई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ये केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थे और SIR अभ्यास के शेड्यूल से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। 2 अक्टूबर को जंतर मंतर के पास हुए सामूहिक विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कम से कम तीन FIR दर्ज की हैं, जिनमें से दो संसद मार्ग थाने और एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज कराई गई हैं। गौरतलब है कि प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी, जिसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें उठाने के लिए सड़क पर उतरने का फैसला किया।