Delhi High Court: प्रॉसिक्यूटर्स ने अनिवार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को दी चुनौती

Kittu Kumari24 August 20261 min read80 viewsDelhi Local
Delhi High Court: प्रॉसिक्यूटर्स ने अनिवार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को दी चुनौती

दिल्ली के सरकारी वकीलों यानी प्रॉसिक्यूटर्स ने अनिवार्य आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम यानी AEBAS के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस फैसले से पहले सरकारी अधिकारियों ने भी इस पॉलिसी पर अपनी चिंता जताई थी। दिल्ली सरकार के होम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन यानी DoP ने 16 जुलाई और 21 जुलाई को सर्कुलर जारी करके सभी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स, एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स और असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटers के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी थी। दिल्ली प्रॉसिक्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन यानी DPWA के सचिव राजेश कुमार के माध्यम से हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की गई है।

एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों के काम करने के तरीके की खास प्रकृति को देखते हुए बायोमेट्रिक नियम का पालन करना व्यावहारिक नहीं है। DPWA का यह भी तर्क है कि वकीलों की उपस्थिति पहले से ही कोर्ट की कार्यवाहियों में उनकी लिखित उपस्थिति से सत्यापित होती है। DoP के शुरुआती सर्कुलर के बाद दिल्ली के होम डिपार्टमेंट ने 24 जुलाई, 31 जुलाई और 3 अगस्त को आदेश जारी करके AEBAS को जिला कार्यालयों और कोर्ट परिसरों तक बढ़ा दिया था।

17 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने DPWA की याचिका का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वे एसोसिएशन की याचिका को एक औपचारिक प्रतिनिधित्व के रूप में लें और चार सप्ताह के भीतर इस पर फैसला करें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारियों को DPWA को उनकी शिकायतों पर सुनवाई का अवसर देना चाहिए।

Indian Express द्वारा 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यायिक प्रणाली में प्रशासनिक निगरानी को लेकर यह विवाद एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

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