दिल्ली सरकार संपत्ति पंजीकरण नियमों में बड़ा बदलाव और नए सर्कल रेट लागू करने की तैयारी में

दिल्ली सरकार राजधानी में संपत्ति पंजीकरण के नियमों में बड़े बदलाव करने और अनधिकृत कॉलोनियों के लिए नए सर्कल रेट लागू करने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव को जल्द ही दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। PIB और DD News के अनुसार, प्रस्तावित नए ढांचे के तहत नागरिकों को दिल्ली के किसी भी सब-registrar कार्यालय में संपत्ति का पंजीकरण कराने की छूट दी जाएगी, जिससे विशिष्ट क्षेत्राधिकार की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। पारदर्शिता बढ़ाने और कतारों को कम करने के उद्देश्य से उप-पंजीयक कार्यालयों की संख्या 22 से बढ़ाकर 39 कर दी गई है।
डिजिटल सुधार और ऑनलाइन प्रक्रिया
पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह से ऑनलाइन और फेसलेस बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे खरीदार और विक्रेता मोबाइल या लैपटॉप के जरिए दूर से ही लेनदेन पूरा कर सकेंगे। 4 सितंबर 2026 से सभी 39 उप-मंडलों में सब-registrar की नियुक्ति के लिए आईटी-आधारित रैंडमाइजेशन प्रणाली लागू की गई है। सरकार का यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।
अनधिकृत कॉलोनियों के लिए नए सर्कल रेट
पंजीकरण सुधारों के साथ-साथ दिल्ली सरकार अनधिकृत कॉलोनियों के लिए नए सर्कल रेट को अंतिम रूप दे रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 22 सितंबर 2026 को नजफगढ़ में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए इन अपडेट्स की पुष्टि की। अनधिकृत कॉलोनियों के लिए लंबे समय से लंबित संशोधन का काम पूरा हो चुका है, जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा। इन बदलावों से 1,731 में से 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों पर असर पड़ेगा, जिन्हें 'जैसी है, जहाँ है' के आधार पर नियमित किया जा रहा है और इससे अनुमानित 50 लाख निवासियों को लाभ मिलेगा।
शहर भर में सर्कल रेट का सामान्य संशोधन
लगभग एक दशक में पहली बार शहर भर में सर्कल रेट का सामान्य संशोधन होने की संभावना है, जिसमें कई मध्यम-स्तरीय क्षेत्रों में संभावित वृद्धि 8% से 30% तक हो सकती है। सरकार के इन सभी कदमों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना और नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करना है।